प्रचलित नाम- सुपारी, पुंगीफल। प्रयोज्य अंग-मूल, पत्र एवं बीज । स्वरूप- लम्बा पतला पाम जैसा वृक्ष, 40-60 फीट ऊँचा, पुष्प...
Read moreDetailsप्रचलित नाम- शरीफाप्रयोज्य अंग-मूल, पत्र, फल एवं बीज। स्वरूप-लघु वृक्ष, पुष्प काष्टीय शाखाओं पर उत्पन्न होते हैं, जंगल में प्राकृतिक...
Read moreDetailsप्रचलित नाम- बड़ी अजवायनप्रयोज्य अंग- मूल एवं फल स्वरूप एक वर्षायु गुल्म, 2-3 फूट ऊँचा;पत्ते गहराई तक कटे हुए,पुष्प सफेद...
Read moreDetailsप्रचलित नाम- कदमप्रयोज्य अंग-मूल, कांड की छाल, पत्र, पुष्प तथा फल । स्वरूप-विशाल कद के वृक्ष, पत्ते अभिमुखी तथा उपपत्र...
Read moreDetailsप्रचलित नाम- कालमेघ, चिरायता प्रयोज्य अंग-पंचांग, पत्र एवं मूल ।स्वरूप - एक वर्षायु उन्नत शाखीत गुल्म, कांड चतुष्कोणक, पत्ते अभिमुखी,...
Read moreDetailsप्रचलित नाम- काकांगी, अंत्रमूल, रक्तपुष्पी, काकनासा, काक तुण्डी।प्रयोज्य अंग- पंचांग, मूल, पत्र एवं पुष्प ।स्वरूप-छोटी चिरस्थायी गुल्म, लघु दुग्ध रस...
Read moreDetailsप्रचलित नाम- कटहलप्रयोज्य अंग- मूल, छाल, पत्र एवं फल ।स्वरूप- विशाल सदा हरति वृक्ष जो 30-40 मीटर ऊँचा;छाल खुरदरी, दुग्धमय...
Read moreDetailsप्रचलित नाम- दवना/दौना प्रयोज्य अंग- पंचांग । स्वरूप-गुल्म जैसा लम्बा सुगंधित क्षुप, आधे से ढाई मीटर ऊँचे, पत्ते लम्बे पतले...
Read moreDetailsप्रचलित नाम- सफेद मुशली/खैरूव।प्रयोज्य अंग- रसदार मूल एवं पत्राभास कांड।स्वरूप- विशाल कंटकीय लता, शाखाएँ झुकी हुई धारदार, कंटक 1-2से 3-4...
Read moreDetailsप्रचलित नाम- सतमूली/सतावर प्रयोज्य अंग- कंद सदृश रस युक्त मूल तथा पत्राभास कांड। स्वरूप- विशाल घनी, अतिशाखीत, पत्र रहित, कंटकयुक्त...
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