प्रचलित नाम- नीम प्रयोज्य अंग- पंचांग मूल की छाल, कांड की छाल, पत्र, पुष्प, फल (कच्चे तथा पके हुए) स्वरूप-...
Read moreDetailsरांची: लौंग में होने वाला एक खास तरह का स्वाद इसमें होने वाले एक तत्व युजेनॉल की वजह से होता...
Read moreDetailsअतीस वनौषधि हिमालय पर 2000 से 5000 फुट की ऊंचाई पर पाया जाने वाला पौधा है। इसका ज्ञान हमारे आचार्यों...
Read moreDetailsअदरक के समान दिखने वाला उसी की जाती का पौधा है कुलिंजन, इसे कुलंजन या महाभरी वच भी कहते हैं।...
Read moreDetailsशिकाकाई इसे विमल या सप्तला भी कहते है। इसके पौधे का स्वरूप एक फैला हुआ कंटकी गुल्म, शाखाएँ लम्बी पतली,...
Read moreDetailsबबूल इसे कीकर भी कहते हैं। यह मूलतः अफ्रीका एवं भारत में पाया जाने वाला वृक्ष है। इस पेड़ में...
Read moreDetailsबड़ी इलायची इसे संस्कृत में वृहदेला, अंग्रेजी में Black cardamom तथा हिंदी में 'काली इलायची', 'भूरी इलायची', 'लाल इलायची', 'नेपाली...
Read moreDetailsकाजू शुक्रवर्धक, त्वचा को मृदु बनाने के गुण वाली तथा पौष्टिक है। प्रचलित नाम- काजू बदाम वैज्ञानिक नाम - Anacardium...
Read moreDetailsअकरकरा में कामेच्छा को बढ़ाने वाले गुण होते हैं। पुरुषों के लिंग विकारों में प्रयोज्य। प्रचलित नाम- अकरकरा वैज्ञानिक नाम...
Read moreDetailsप्रचलित नाम- वच/ (घोर वच) वैज्ञानिक नाम Acorus calamus प्रयोज्य अंग-भूमिगत कंद । स्वरूप- कीचड़ या जल में उगने वाले...
Read moreDetails© 2025 BNNBHARAT