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सत्यानाशी 14 दिनों में दूर करता है नपुंसकता : वनौषधि – 51

प्रचलित नाम-पीलाधतूरा, सत्यानाशी, कटुपर्णी, सुवर्णक्षीरी। प्रयोज्य अंग-मूल एवं पीतक्षीर स्वरूप-कंटकी गुल्म, फैली हुई शाखाएँ, पत्ते कंटकयुक्त एवं भिन्न वर्णी; पुष्प...

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रुद्रजटा एक चमत्कारी औषधि जो सिर्फ वर्षा ऋतु में ही उपलब्ध होती है : वनौषधि – 50

प्रचलित नाम- ईशर मूल, रुद्रजटा, ईश्वरी, गंधनाकुली, अर्कमूल प्रयोज्य अंग- पंचांग । स्वरूप-काष्टीय लता, शाखाएँ नलाकार धारदार एवं सुगंधित; पत्ते...

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फीता कृमि एवं खाज – खुजली की अचूक औषधि है सुपाड़ी : वनौषधि – 49

प्रचलित नाम- सुपारी, पुंगीफल। प्रयोज्य अंग-मूल, पत्र एवं बीज । स्वरूप- लम्बा पतला पाम जैसा वृक्ष, 40-60 फीट ऊँचा, पुष्प...

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