हमारे ऋषिमुनि

वे आज भी जीवित हैं – भाग -1 (मार्कंडेय)

वे जो युगों युगों से आज भी जीवित हैं, उन्हें मिला है अमरता का वरदान। वो कलयुग को अंत करने में निभाएंगे अपनी भूमिका। महर्षि मार्कंडेय भगवान शिव के परम भक्त। महर्षि मार्कंडेय ने कठोर तपस्या की और महामृत्युंजय मंत्र...

आचार्य कणाद “एक वैज्ञानिक”

अणु, परमाणु, गति एवं गरुत्वाकर्षण के सिद्धांत व नियमों की व्याख्या कणाद ने हजारों वर्ष पहले की थी। महर्षि कणाद,  वायुपुराण के अनुसार उनका जन्म स्थान प्रभास पाटण बताया जाता है। वे उलूक, कश्यप, पैलुक आदि नामों से भी प्रख्यात...

जानिए महर्षि दधीचि को

दधीच वैदिक ऋषि थे। सनातन धर्म और मानव जाति के कल्याण में इनकी भूमिका सबसे अहम है। यास्क के मतानुसार महर्षि दधीचि अथर्व के पुत्र हैं। पुराणों में इनकी माता का नाम 'शांति' मिलता है। इनकी तपस्या के संबंध में...

महर्षि अगस्त्य : एक वैज्ञानिक

महर्षि अगस्त्य एक वैदिक ॠषि थे। ये वशिष्ठ मुनि के बड़े भाई थे। इनका जन्म श्रावण शुक्ल पंचमी (तदनुसार 3000 ई.पू.) को काशी में हुआ था। वर्तमान में वह स्थान अगस्त्यकुंड के नाम से प्रसिद्ध है। इनकी पत्नी लोपामुद्रा विदर्भ...

जानिए भगवान परशुराम का जन्म कब और कहां हुआ था, क्या-क्या है मान्यताएं…

मुंबई: भगवान परशुराम किसी समाज विशेष के आदर्श नहीं है. वे संपूर्ण हिन्दू समाज के हैं और वे चिरंजीवी हैं. फिर भी ब्राह्मणों का एक वर्ग "जिसे जमींदार ब्राह्मण कहा जाता है " अपना आदर्श भगवान परशुराम को मानते है....

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