कड़ी मेहनत के बाद राजा विक्रमादित्य ने एक बार फिर बेताल को पकड़ लिया। वह उसे अपने कंधे पर लादकर...
Read moreDetailsबहुत समय पहले की बात है। उज्जयनी नाम के राज्य में राजा विक्रामादित्य राज किया करते थे। राजा विक्रामादित्य की...
Read moreDetailsसनातन धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व है। वहीं शरद ऋतु के प्रारंभ की अनुभूति शरद पूर्णिमा के दिन...
Read moreDetailsशरद पूर्णिमा के महत्व से हम सभी अच्छी तरह से जानते हैं लेकिन इस दिन खीर किस तरह से बनाकर...
Read moreDetailsप्रचलित नाम - सुलतान (ताम्रपत्र एवं हरित पत्र) कुप्पी प्रयोज्य अंग-पंचांग, पत्र, पुष्प ।स्वरूप- लघु एक सदनी गुल्म,पत्र भिन्न वर्णी...
Read moreDetailsप्रचलित नाम- खैर, खादिर और खदिर। प्रयोज्य अंग- खदिर सार, त्वक् ।स्वरूप- मध्यम कद का कंटकीय वृक्ष, पर्णवृंत के नीचे...
Read moreDetailsपुराणों के अनुसार महर्षि अंगिरा ब्रह्मा जी के मानस पुत्र हैं तथा ये गुणों में ब्रह्मा जी के ही समान...
Read moreDetailsप्रचलित नाम- कंघी, घंटिका, कंघिनी और अतिबला प्रयोज्य अंग- मूल की छाल, पत्र तथा बीजस्वरूप- बहुवर्षायु, मृदु, श्वेत मखमली रोमावरण...
Read moreDetailsविक्रम और बेताल की कहानियां, जिसे बेताल पच्चीसी के नाम से भी जाना जाता है। विश्व साहित्य के धरोहरों में...
Read moreDetailsप्रचलित नाम- नीम प्रयोज्य अंग- पंचांग मूल की छाल, कांड की छाल, पत्र, पुष्प, फल (कच्चे तथा पके हुए) स्वरूप-...
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