संस्कृति और विरासत

शरद पूर्णिमा 2022: इस वर्ष 9 अक्टूबर रविवार को है शरद पूर्णिमा, जानिए शुभ मुहूर्त और व्रत का महत्व

सनातन धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व है। वहीं शरद ऋतु के प्रारंभ की अनुभूति शरद पूर्णिमा के दिन से होती है। शारदीय नवरात्रि के बाद पड़ने वाली पहली पूर्णिमा को ही शरद पूर्णिमा कहते हैं। मान्यता है कि...

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जानिएशरद पूर्णिमा के दिन खीर खाने के 5 कारण

शरद पूर्णिमा के दिन चंद्र की रोशनी मे खीर रख कर खाने की विशेष परंपरा है । आखिर इस दिन हम खीर क्यों खाते हैं? क्या है इसका वैज्ञानिक कारण और रहस्य। चंद्र से बरसता है अमृत : कहते हैं...

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शरद पूर्णिमा को इस तरीके से खीर बनाकर खाने से मिलती है असाध्य रोगों से मुक्ति

शरद पूर्णिमा के महत्व से हम सभी अच्छी तरह से जानते हैं लेकिन इस दिन खीर किस तरह से बनाकर कैसे खाना चाहिए यह शायद ही कोई जानता हो। इस दिन कोई खिचड़ी तो कोई खीर बनाकर कहा लेते हैं...

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14 सितंबर को मनाते हैं हिंदी दिवस, जानिए इतिहास और महत्व

BNNBHARAT: हर साल हिंदी दिवस 14 सितंबर को मनाया जाता है.  इस दिन ही देवनागरी लिपि में हिंदी को भारत की आधिकारिक भाषा के रूप में अपनाया गया था. साल 1953 में पहली बार हिंदी दिवस का आयोजन हुआ था. तभी...

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‘हिंदी दिवस’ और ‘विश्व हिंदी दिवस’ दो अलग-अलग दिवस

'हिंदी दिवस' और 'विश्व हिंदी दिवस' दो अलग तिथियां और दिवस हैं। देश में हिंदी भाषा प्रसार-प्रचार के लिए 14 सिंतबर 1949 के दिन संविधान सभा ने हिंदी को राजभाषा का दर्जा दिया था। इसलिए तब से इसे दिन 'हिंदी...

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आइए जानते हैं ऋषि अंगिरा को जिनका जिक्र ऋग्वेद के सूक्तों में मिलता है

पुराणों के अनुसार महर्षि अंगिरा ब्रह्मा जी के मानस पुत्र हैं तथा ये गुणों में ब्रह्मा जी के ही समान हैं। इन्हें प्रजापति भी कहा गया है और सप्तर्षियों में वसिष्ठ, विश्वामित्र तथा मरीचि आदि के साथ इनका भी परिगणन...

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मंदारवती किसकी पत्नी है? विक्रम और बेताल की कहानी – 2

पद्मावती की प्रेम कहानी सुनाने के बाद बेताल उड़कर पुनः वृक्ष के निकट पहुँच चुका था। उसे खोजते हुए महाराज विक्रमादित्य पुनः उसी शिंशपा-वृक्ष के नीचे पहुंचे। वहां चिता की मटमैली रोशनी में उनकी नजर भूमि पर पड़े उस शव...

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पद्मावती की प्रेम-कहानी , पापी कौन ? : विक्रम और बेताल की कहानी – 1

कड़ी मेहनत के बाद राजा विक्रमादित्य ने एक बार फिर बेताल को पकड़ लिया। वह उसे अपने कंधे पर लादकर श्मशान की ओर ले चले। रास्ते में बेताल ने राजा को एक नई कहानी शुरू की और बेताल पद्मावती की...

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विक्रम और बेताल की कहानी का प्रारंभ

बहुत समय पहले की बात है। उज्जयनी नाम के राज्य में राजा विक्रामादित्य राज किया करते थे। राजा विक्रामादित्य की न्यायप्रियता, कर्तव्यनिष्ठता और दानशीलता के चर्चे पूरे देश में मशहूर थे। यही कारण था कि दूर-दूर से लोग उनके दरबार...

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विक्रम और बेताल की कहानियां : बेताल पच्चीसी

विक्रम और बेताल की कहानियां, जिसे बेताल पच्चीसी के नाम से भी जाना जाता है। विश्व साहित्य के धरोहरों में से एक हैं। ये सभी कहानियां संस्कृत के एक ग्रंथ बेतालपञ्चविंशतिका में मौजूद हैं। इसमें कई प्ररेणादायक और नेतृत्व क्षमता...

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