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संस्कृति और विरासत

पद्मावती की प्रेम-कहानी , पापी कौन ? : विक्रम और बेताल की कहानी – 1

कड़ी मेहनत के बाद राजा विक्रमादित्य ने एक बार फिर बेताल को पकड़ लिया। वह उसे अपने कंधे पर लादकर श्मशान की ओर ले चले। रास्ते में बेताल ने राजा को एक नई कहानी शुरू की और बेताल पद्मावती की प्रेम-कहानी सुनाते हुए बोला –आर्यावर्त में वाराणसी

विक्रम और बेताल की कहानी का प्रारंभ

बहुत समय पहले की बात है। उज्जयनी नाम के राज्य में राजा विक्रामादित्य राज किया करते थे। राजा विक्रामादित्य की न्यायप्रियता, कर्तव्यनिष्ठता और दानशीलता के चर्चे पूरे देश में मशहूर थे। यही कारण था कि दूर-दूर से लोग उनके दरबार में न्याय मांगने

कल्याण किला जितने के बाद शिवाजी ने औरंगजेब की बहन और शाहजहां की बेटी रोशनआरा को आदर के साथ उसके घर…

छत्रपति शिवाजी महाराज के समय में महिलाओं का हमेशा सम्मान किया जाता था चाहे वह दुश्मन की बहन बेटियां हीं क्यों ना हो। सभी को अपनी माता और बहन के समान समझा जाता था। महिलाओं की गरिमा हमेशा बनाए रखनी चाहिए, बेशक वह महिला किसी भी जाति

दुनिया का सबसे पहला हवाई जहाज भारत में बना था, जिसे अंग्रेजों ने धोखे से अपने नाम पेटेंट कराया…

अगर आज किसी को पूछा जाये के सबसे पहला हवाई जहाज किसने बनाया? तो ले देके हम सब एक नाम लेते है Write Brothers ने बनाया और उनके नाम से दर्ज है यह आविष्कार. हम बचपन से यह पढ़ते आये हैं कि 17 दिसंबर सन 1903 को अमेरिका के कैरोलिना के समुद्र तट पर…

शरद पूर्णिमा 2022: इस वर्ष 9 अक्टूबर रविवार को है शरद पूर्णिमा, जानिए शुभ मुहूर्त और व्रत का महत्व

सनातन धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व है। वहीं शरद ऋतु के प्रारंभ की अनुभूति शरद पूर्णिमा के दिन से होती है। शारदीय नवरात्रि के बाद पड़ने वाली पहली पूर्णिमा को ही शरद पूर्णिमा कहते हैं। मान्यता है कि इस दिन चंद्रमा की किरणों से अमृत

जानिएशरद पूर्णिमा के दिन खीर खाने के 5 कारण

शरद पूर्णिमा के दिन चंद्र की रोशनी मे खीर रख कर खाने की विशेष परंपरा है । आखिर इस दिन हम खीर क्यों खाते हैं? क्या है इसका वैज्ञानिक कारण और रहस्य। चंद्र से बरसता है अमृत : कहते हैं कि इस दिन आसमान से चंद्र से अमृतमयी किरणों का आगमन होता

शरद पूर्णिमा को इस तरीके से खीर बनाकर खाने से मिलती है असाध्य रोगों से मुक्ति

शरद पूर्णिमा के महत्व से हम सभी अच्छी तरह से जानते हैं लेकिन इस दिन खीर किस तरह से बनाकर कैसे खाना चाहिए यह शायद ही कोई जानता हो। इस दिन कोई खिचड़ी तो कोई खीर बनाकर कहा लेते हैं लेकिन बहुत कम लोगों को पता होगा की इस दिन का विशेष महत्व क्या

14 सितंबर को मनाते हैं हिंदी दिवस, जानिए इतिहास और महत्व

BNNBHARAT: हर साल हिंदी दिवस 14 सितंबर को मनाया जाता है.  इस दिन ही देवनागरी लिपि में हिंदी को भारत की आधिकारिक भाषा के रूप में अपनाया गया था. साल 1953 में पहली बार हिंदी दिवस का आयोजन हुआ था. तभी से यह सिलसिला बना हुआ है. हिंदी दिवस को

‘हिंदी दिवस’ और ‘विश्व हिंदी दिवस’ दो अलग-अलग दिवस

'हिंदी दिवस' और 'विश्व हिंदी दिवस' दो अलग तिथियां और दिवस हैं। देश में हिंदी भाषा प्रसार-प्रचार के लिए 14 सिंतबर 1949 के दिन संविधान सभा ने हिंदी को राजभाषा का दर्जा दिया था। इसलिए तब से इसे दिन 'हिंदी दिवस' के रूप में मनाया जाता है।

जानिए मुक्तवर्चा के औषधीय गुण : वनौषधि – 23

प्रचलित नाम - सुलतान (ताम्रपत्र एवं हरित पत्र) कुप्पी प्रयोज्य अंग-पंचांग, पत्र, पुष्प ।स्वरूप- लघु एक सदनी गुल्म,पत्र भिन्न वर्णी (रक्त, हरित या ताम्र),पुष्प मंजरीया लाल/ हरी । स्वाद- तिक्त । रासायनिक संगठन इस वनस्पति में