देवघर:- उपायुक्त कमलेश्वर प्रसाद सिंह द्वारा जानकारी दी गई है कि दुर्गा पूजा को लेकर कोविड नियमों के तहत राज्य सरकार द्वारा ढील दी गई है. ऐसे में पूर्व में जारी दिशा-निर्देश के दो नियमों में संशोधन किया है. इसके तहत पूर्व में आदेश था कि पूजा पंडालों में पुजारी, पूजा समिति के सदस्यों सहित सात लोग मात्र एक साथ रह सकेंगे. संशोधित निर्देश में यह संख्या बढ़ाकर अधिकतम 15 कर दी गई है.
इसके अलावे दुर्गा पूजा के दौरान लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति दे दी गई है. अब पूजन स्थल पर मंत्र, पाठ, आरती आदि का सीधा प्रसारण लाउडस्पीकर से हो सकेगा. यह प्रसारण सुबह सात बजे से रात के नौ बजे के बीच ही होगा इसकी ध्वनि 55 डेसिबल से ज्यादा नहीं होना चाहिए. लाउडस्पीकर भी अदालत व अस्पताल से 100 मीटर दूरी पर ही बजाया जा सकता है. लाउडस्पीकर पर पहले से रिकार्ड किया हुआ, टेप किया हुआ या डिजिटल रिकार्डिंग बजाने की अनुमति नहीं है. सिर्फ सीधा प्रसारण ही बज सकता है.
ये आदेश पूर्व की तरह लागू रहेंगे – किसी भी थीम पर पंडाल का निर्माण नही किया जायेगा, पंडाल चारों ओर से कवर किया जाएगा, ताकि बाहर से प्रतिमा न दिखे. पूजा पंडाल और मंडप के समीप और उसके आसपास के क्षेत्रों में कोई लाइटिंग और सजावट नहीं की जाएगी.पूजा पंडाप और मंडप के पास कोई तोरण द्वार या स्वागत द्वार का निर्माण नहीं होगा. प्रतिमा की अधिकतम ऊंचाई चार फीट होगी.
