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राज्य के 9 लाख प्रवासी मजदूरों, कामगारों को राज्य सरकार मदद करें
रांची: भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता और वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश कुमार शुक्ल ने कहा है कि केंद्र की सरकार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के करिश्माई नेतृत्व में कोरोना जैसी वैश्विक महामारी में सभी राज्यों के साथ झारखंड को भी पूरी मदद किया है. लेकिन झारखंड सरकार के मंत्री अपनी विफलता का ठीकरा केन्द्र सरकार पर फोड़कर अपनी जबाबदेही से बचना चाहते है.
शुक्ल ने आज अपने निवास पर सुबह 10 बजे से 4 बजे अपराह्न तक उपवास धरना देने के बाद यहा कहा है कि आज झारखंड के 9 लाख प्रवासी मजदूरों, कामगारों के लिए झारखण्ड सरकार ने प्रभावी कदम नहीं उठाये, अधिकारियों के मोबाइल नंबर, या हेल्पलाइन हो, पूरी तरह विफल रहे है. झारखंड सरकार को चाहिए कि तुरंत प्रवासियों की पहचान कर उन तक सहायता पहुंचाए.
शुक्ल ने कहा है कि बैंकों में हो रही भिड़ को देखते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सुनिश्चित कराने की प्रबल आवश्यकता है. वहीं जरूरतमंदों के बीच अनाज अवश्य नियमित रूप से बाटने की व्यवस्था की जानी चाहिए. बड़ी संख्या में लोगों के पास राशन कार्ड नहीं है, ऐसे महामारी की स्थिति में उन्हें भी सस्ते दर पर राशन मुहैया कराई जाये.
शुक्ल ने कहा है कि केन्द्र सरकार ने झारखंड को केंद्रीय कर के रूप में अप्रैल तक के इंस्टॉलमेंट के रुप में 1525.27 करोड़ की राशि उपलब्ध करा दी है. केन्द्र ने राज्य आपदा कोष में अपने हिस्से का 24.8 करोड़ की राशि दे दी है. राज्य के किसानों को प्रधानमंत्री किसान योजना के अंतर्गत 232.67 करोड़ की राशि उपलब्ध करा दी है.
यह राशि 11.62 लाख से ज्यादा किसानों को 2000 प्रति यूनिट के हिसाब से उपलब्ध कराई गई है. केंद्र सरकार झारखंड को पूरी तरह सहयोग कर रही है. राज्य सरकार लोगों को इस संकट के क्षण में समपर्ण के साथ मदद करें. ऐसे कठिन क्षण में हमे राजनीति करने से बाज आना चाहिए.

