दुमका: झामुमो ने उपराजधानी दुमका के ऐतिहासिक गांधी मैदान में कल रात अपना 41वां स्थापना दिवस मनाया. आधी रात के बाद तक चली विशाल जनसभा में पार्टी ने 58 सूत्री प्रस्ताव पारित किया.
जनसभा को संबंधित करते हुए झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि हमने केंद्र से जनजातीय विश्वविद्यालय मांगा और दिया गया म्यूजियम. आदिवासियों को केंद्र की सरकार म्यूजियम में देखना चाहती है.
19 साल में राज्य का नहीं हुआ भला :
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस राज्य में 19 साल में कई सरकारें आयी-गयी, लेकिन राज्य का भला नहीं हुआ. समस्या के निदान के लिए लोग मिल रहे हैं, आशाएं हैं, सहम भी जाता हूं कि इतने लोगों की आकांक्षाओं पर खरा उतरना है. विश्वास रखें, आपने हमारे कंधे पर जो जिम्मेदारी दी, वह पूरी होगी. पूर्व की सरकार ने खजाना खाली कर दिया. पिछली सरकार किसी की सुनती नहीं थी, लेकिन हमें काम करना है, सबका सुनना है, पहाड़ की तरह समस्या है, उसे खत्म करने की चुनौती है.
लड़नी होगी एक और लड़ाई:
हेमंत सोरेन ने कहा कि प्राकृतिक संसाधन में कैसे अधिकार मिले, कैसे रोजगार मिले, कैसे अधिकारी बनें, कैसे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, इसके लिए सरकार काम शुरू कर चुकी है. एक और लड़ाई लड़नी होगी. जिन्होंने वर्षों से झारखंड को लूटा है, राज्य छोड़ कर ऐसे लोग भाग रहे हैं या भागने की तैयारी कर रहे हैं. चुनौती को हमें अवसर में बदलना होगा.
राज्य के खजाने पर पहला अधिकार राज्यवासियों का होगा. योजनाएं आपके पैसे से चलती हैं. सड़क, बिजली, पानी सब आपके पैसे से मिलता है. अधिकारियों का वेतन भी आपके पैसे से होता है. आज कोई भुगतान लंबित न रहे. अधिकारियों को आदेश है कि पहले गरीब को पेंशन मिले, तब अधिकारी को वेतन मिलेगा.
जनसभा में हजारों की संख्या में झामुमो समर्थक परंपरागत हथियारों और ढोल- नगाडों के साथ पहुंचे. जनसभा को पार्टी सुप्रमो शिबू सोरेन, उपाध्यक्ष प्रो स्टीफन मरांडी, राजमहल सांसद विजय हांसदा, विधायक सीता सोरेन, साइमन मरांडी सहित अन्य वर्तमान एवं पूर्व विधायकों-सांसदों एवं नेताओं ने संबोधित किया.

