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निजी कंपनियों को कोल ब्लॉक दिये जाने के बाद बढ़ेगा भ्रष्टाचार
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पीएम नरेंद्र मोदी को गरीब मजदूरों की भावनाओं की नहीं है कद्र
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बेरमो विस में उम्मीदवारी का फैसला करेगा कांग्रेस आलाकमान
रंजीत कुमार,
रांची: दिवंगत बेरमो विधायक राजेंद्र सिंह के पुत्र और इंटक के राष्ट्रीय सचिव कुमार जयमंगल (अनूप सिंह) ने कोल ब्लॉक की नीलामी को मजदूर-विस्थापित विरोधी बताया. BNN भारत से विशेष बातचीत में उन्होंने कहा कि मोमेंटम झारखंड के नाम पर राज्य की जनता से छल किया गया. अब मोदी सरकार एक बार फिर जनता के साथ विश्वासघात करना चाह रही है. सरकार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाते जा रही है. नीलामी के बाद कोल ब्लॉक भी सरकार के नियंत्रण से बाहर हो जाएगा, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ेगा. अभी कोल इंडिया में कोयले के ऑक्शन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है. निजी कंपनियों को कोल ब्लॉेक दिये जाने के बाद पारदर्शिता में कमी आएगी और भ्रष्टाचार बढ़ेगा.
रोजगार के सवाल पर उन्होंने कहा कि निजीकरण के बाद उद्योगपति अधिक मुनाफा के लिए मशीनों का उपयोग करेंगे. रोजगार बढ़ने के बजाये बेरोजगारी बढ़ेगी. प्रत्यक्ष- अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 10 लाख परिवारों का जीवन यापन कोल इंडिया पर निर्भर है. उनके जीवन की रक्षा करना महत्वपूर्ण है, ना कि उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाना. प्रधानमंत्री को गरीब मजदूरों की भावनाओं की कद्र नहीं है.
पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कोयला देश की संपत्ति है. इसलिए उसका सही तरीके से इस्तेमाल करते हुए राजस्व बढ़ाना चाहिए, जिससे देश आगे बढ़े. कोल ब्लॉक को निजी हाथों में बेच देने से देश पीछे चला जाएगा. कांग्रेस की सरकार ने कोयले का राष्ट्रीयकरण किया, जबकि वर्तमान मोदी सरकार चंद उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए निजीकरण करना चाहती है. कोयला मजदूरों की आवाज को भारतीय जनता पार्टी की सरकार दबा नहीं सकती.
निर्दलीय विधायक सरयू राय के सर्वदलीय बैठक बुलाने की सुझाव का अनुप सिंह ने स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि इस विषय पर जितनी अधिक चर्चा हो, उतना बेहतर है. सरकार को जनप्रतिनिधियों और कोल यूनियन से जुड़े लोगों के साथ बात करनी चाहिए, ताकि मजदूरों-विस्थापितों की समस्या का समाधान निकले.
प्रधानमंत्री मोदी पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि चूंकि अधिकांश कोयला खदान गैर-बीजेपी शासित राज्यों झारखंड, छतीसगढ़, बंगाल में है, इसलिए केंद्र सरकार कोल ब्लॉक के बहाने राज्य सरकारों के खिलाफ साजिश कर रही है.
बेरमो उपचुनाव में उम्मीदवारी को सवाल पर उन्होंने कहा कि इसका निर्णय पार्टी आलाकमान करेगा. वैसे परंपरागत रूप से यह सीट इंटक के खाते की है. इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ संजीव रेड्डी अपनी बात पार्टी में रखेंगे.

