रांची: 17 सितंबर को पूरे देश में युवाओं ने बेरोजगारी दिवस मनाया. वहीं दूसरी ओर भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन के नाम पर अपने धन-बल का प्रदर्शन किया. पूरे देश में डॉक्टरों एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने अपनी जान की बाजी लगाकर कोरोना महामारी की मृत्यु दर को 1.6 प्रतिशत पर नियंत्रित कर रखा है, परंतु केन्द्र सरकार एवं स्वास्थ्यमंत्री डॉ हर्षवर्धन के पास कोरोना से हुए डॉक्टरों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की मौत आंकड़े नहीं हैं.
उक्त बातें झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रवक्ता अमूल्य नीरज खलखो ने कही. उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को ताकत एवं गति देने वाले कितने प्रवासी मजदूरों की मौत अचानक किये गए लॉकडाउन के कारण घर लौटने के क्रम में रास्ते में हुई केंद्र सरकार के पास इसके आंकड़े नहीं हैं. केंद्र सरकार अपनी विफलताओं के आंकड़े को छुपा रही है.
खलखो ने कहा कि भाजपा सरकार अपनी गलत नीतियों में कारण उलझ गई है. साथ ही साथ केंद्र सरकार कोरोना महामारी से होने वाली दुष्परिणामों का आकलन करने में भी पूरी तरह से विफल रही है. देश में बढ़ती बेरोजगारी एवं अर्थव्यवस्था संकट से जूझने के बजाय सरकार ने अपनी आंखें बंद कर ली है.
भाजपा की केंद्र सरकार द्वारा अपने वादानुसार प्रति वर्ष 2 करोड़ नौकरियां के हिसाब से 6 वर्षों में 12 करोड़ नौकरियां देने के बजाय उसे छीन ली गई. लाखों रुपए खर्च कर ऊंची योग्यता प्राप्त करने के बावजूद भी आज युवा 10,000रु की नौकरी के लिए मोहताज हैं, जबकि रेलवे, केंद्रीय विश्वविद्यालयों, डाक सेवा, पुलिस सेवा आदि में 28 लाख से ज्यादा रिक्तियां हैं.
मात्र रेलवे के ग्रुप ब और क सेवा में 2.90 लाख रिक्तियां पड़ी हुई हैं, जबकि वर्ष 2018-2019 में केवल 6493 नियुक्तियां की गई हैं. रेलवे एवं कर्मचारी चयन आयोग द्वारा ली गई परीक्षाओं के नतीजे बीते 3-4 वर्षों से लंबित हैं. जबकि प्रत्येक वर्ष लाखों नवजवान डिग्री हासिल कर नौकरी की खोज में भटक रहे हैं. केंद्र सरकार भारत पेट्रोलियम, एयर इंडिया समेत 26 सरकारी कंपनियों को बेचने जा रही हैं, जबकि दूसरी तरफ नए पूंजी निवेश की स्थिति दयनीय बनी हुई है.
प्रवक्ता खलखो ने कहा कि केंद्र सरकार कि गलत नीतियों के कारण देश की युवा शक्ति आज मझधार में फंस गई है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी योजनाविहीन आत्मनिर्भर भारत की कोरी कल्पना में देश को उलझाने में लगे हुए हैं.

