नई दिल्ली:- उत्तराखंड में आपदा प्रभावित क्षेत्र में चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों के लिए शासन ने सोमवार को एसडीआरएफ मद से चमोली जिलाधिकारी को 20 करोड़ रुपये जारी किए. इस धनराशि से जानमाल के नुकसान की भरपाई होगी.
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के निर्देश पर सचिव आपदा प्रबंधन एसए मुरुगेशन इस संबंध में आदेश जारी कर दिए. इस बीच मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लेने तपोवन पहुंच गए. उन्होंने बचाव अभियान को लेकर अधिकारियों से जानकारी ली. वह वहां रात्रि प्रवास करेंगे. जाने से पहले मुख्यमंत्री नै मंगलवार से गढ़वाल आयुक्त और डीआईजी गढ़वाल को भी आपदा प्रभावित क्षेत्रों में कैंप करने के निर्देश दिए.मुख्यमंत्री के मोर्चे पर पहुंचने के बाद सरकारी अमला भी खासा हरकत में आ गया. देर शाम तपोवन रितिक कंपनी के कार्यालय में आईजी, डीआईजी, जिलाधिकारी, एसपी, सेना व एनटीपीसी के अधिकारियों के साथ उन्होंने बैठक की. उन्होंने बचाव अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए. इससे पूर्व सोमवार को मुख्यमंत्री ने उच्चाधिकारियों के साथ एक बैठक की.
बैठक में आपदा के कारणों, राहत एवं बचाव कार्यों के बारे में जानकारी ली. बैठक के बाद उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों के लिए एसडीआरएफ मद से चमोली जिले को 20 करोड़ रूपये जारी करने के निर्देश दिए. उनके निर्देश के बाद सचिव आपदा प्रबंधन एसए मुरुगेशन ने धनराशि के आदेश जारी कर दिए.
केंद्रीय मंत्रियों ने दौरा कर नुकसान लिया जायजा
केंद्रीय मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक और केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने भी सोमवार को अलग-अलग समय पर आपदा प्रभावित क्षेत्र रैणी और तपोवन का दौरा किया और जानमाल को हुए नुकसान का जायजा लिया. गढ़वाल से सांसद तीरथ सिंह रावत, उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. धनसिंह रावत ने भी तपोवन पहुंचकर हालात का जायजा लिया. पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार वहां रविवार से कैंप कर रहे हैं.
राहत एवं बचाव के मोर्चे पर डटे हैं जवान
राहत एवं बचाव के मोर्चे पर एसडीआरएफ के 70, एनडीआरएफ के 129, आईटीबीपी के 425 जवान एसएसबी की एक टीम, सेना के 124 जवान, सेना की दो मेडिकल टीम, स्वास्थ्य विभाग उत्तराखंड की दो मेडिकल टीमें मोर्चे पर डटी हैं.
– एक हजार राशन के पैकेज व अन्य सामग्री भेजी गई प्रभावित क्षेत्र के आसपास बिजली व पानी की आपूर्ति.
– नीति वैली में 13 गांवों से संपर्क टूट गया है .
– हेलीकॉप्टर के माध्यम से राशन, मेडिकल एवं रोजमर्रा की चीजें पहुंचाई जा रही.

