रांची. झारखंड विधानसभा का बजट सत्र हंगामेदार होने के आसार हैं. बजट सत्र को लेकर विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्र नाथ महतो द्वारा आहूत विधायक दल के नेता की बैठक में सदन को सुचारू रूप से संचालित करने पर आम सहमति बनी. जहां एक ओर सीएम हेमंत सोरेन ने सदन में विधायकों के हर सवाल का जवाब देने का भरोसा दिलाया है, वहीं मुख्य विपक्षी दल बीजेपी ने कहा है कि सरकार को सदन में घेरने के लिए मुद्दों की कोई कमी नहीं है. बीजेपी सरकार की सूखी पिच पर बल्लेबाजी करने के लिए पूरी तरह से कमर कस चुकी है.
झारखंड का बजट सत्र 26 फरवरी से 23 मार्च तक आहूत है. 16 कार्य दिवस के साथ झारखंड का बजट 3 मार्च को सदन में पेश किया जाएगा. कोरोना संक्रमण काल के बाद सबकी निगाहें झारखंड के बजट पर टिकी है. ये देखना दिलचस्प होगा कि क्या कोरोना काल के बाद मंदी के इस दौर में राज्य की हेमंत सोरेन सरकार का बजट पिछले साल की तुलना में घटता है या बढ़ता है. साल 2020 – 2021 के लिए हेमंत सोरेन सरकार ने करीब 86 हजार 300 करोड़ का बजट रखा था.
सरकार की सूखी पिच पर धुंआधार बल्लेबाजी को तैयार बीजेपी
राज्य की मुख्य विपक्षी दल बीजेपी ने बजट सत्र को लेकर खास रणनीति बनाई है. सदन के अंदर बीजेपी विधायकों के तल्ख तेवर देखने को मिलेंगे. गिरती कानून व्यवस्था , महिलाओं के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना , पारा शिक्षकों का मुद्दा , नियोजन नीति , किसानों की ऋण माफी का एक हजार करोड़ रुपया सरेंडर का मुद्दा , होमगार्ड , पंचायत सेवक , अनुबंध कर्मी के सवाल पर सदन को बाधित करने की कोशिश होगी.
झारखंड में लगातार नियुक्ति के सवाल पर गरमा रही राजनीति की तपिश बजट सत्र में भी महसूस की जाएगी. सरकार के फैसले से रद्द नियुक्ति प्रक्रिया से लेकर नई नियोजन नीति के सवाल पर सरकार को अपनो के विरोध का सामना करना पड़ सकता है. बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने के मुद्दे पर सत्ताधरी दल के विधायक भी सदन में आवाज बुलंद करने के मूड में है.
बजट सत्र को लेकर सत्ता पक्ष की तैयारी भी मुक्कमल है . सत्र के दौरान सदन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हर सवाल का सही जवाब देने का दावा किया है. इसके लिये विभागीय अधिकारियों को भी निर्देशित किया गया है. झारखंड विधानसभा में हमेशा से ही विधायकों द्वारा विभाग के स्तर पर गोल मटोल जवाब देने का आरोप लगता रहा है. इस बार हेमंत सोरेन इसको लेकर गंभीर दिख रहे है और सदन में विपक्षी दलों के तेवर के अनुरूप मुख्यमंत्री खुद मोर्चा संभालेंगे.

