जगदम्बा प्रसाद शुक्ल,
प्रयागराज: श्रीमद् ज्योतिष पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती जी ने आज चातुर्मास अनुष्ठान समाप्ति के बाद अपने संदेश में कहा कि भारत देश हमेशा शांति सद्भावना और अहिंसा का संदेश संपूर्ण विश्व को देता रहा है.आज भी जब पूरे विश्व में शक्ति संतुलन बिगड़ रहा है अर्थ शक्ति संपन्न देश विश्वयुद्ध की ओर कदम बढ़ा रहे हैं अपना देश भारत विश्व गुरु की भूमिका निभाते हुए विश्व को मित्र बना कर विश्व बंधुत्व के भावना से विश्व युद्ध होने से बचाने का प्रयास कर रहा है पूज्य स्वामी जी ने कहा कि चातुर्मास की अवधि में संतो द्वारा की गई साधना व अनुष्ठान राष्ट्र धर्म को शक्ति प्रदान करेगा.
चातुर्मास अनुष्ठान को पूर्णता प्रदान करते हुए रुद्राभिषेक किया. श्री ब्रह्म निवास भगवान आदि शंकराचार्य मंदिर में स्थापित आदि शंकराचार्य भगवान, राधा मोहन, प्रभु हनुमान,जी गणेश जी, भगवान चंद्र मलेश्वर,भगवान मैदान ईश्वर बाबा, श्री मंत्र पीठ धारक शंकराचार्य ज्योतिष पीठ ब्रह्मलीन स्वामी शांतानंद जी एवं विष्णु देव आनंद जी की पूजा आरती कर के भोग अर्पित किया. जमुना नगरी पार करके गौशाला जाकर अपनी प्रिय गायों राधा, गंगा, कृष्णा, नंदनी व नंदन को गुड़ खिलाया.
संपूर्ण कार्यक्रम में प्रमुख रूप से ज्योतिष पीठ संस्कृत महाविद्यालय के पूर्व प्रधानाचार्य पंडित सीर्वाचन उपाध्याय, पंडित अभिषेक जी, पंडित विपिन जी, दंडी संन्यासी शंकरlनंद जी एवं धनंजय बाबा सहित 21 वेद पाठी विद्वान सम्मिलित रहे .

