रांची: रांची स्थित मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में रविवार को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनय कुमार चौबे ने आदर्श आचार संहिता से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारियां दी. विनय कुमार चौबे ने बताया कि पूरे चुनाव प्रक्रिया के दौरान राजनीतिक दल के प्रतिनिधि 28 लाख रुपए तक खर्च कर सकते हैं. नॉमिनेशन के लिए उम्मीदवारों को 10 हजार रुपए की नामांकन राशि जमा करनी होगी. इसके अलावा प्रचार सामग्री के तहत लगने वाले पोस्टर और बैनर का भी हिसाब किताब रखना होगा. राजनीतिक दल रात्रि के 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर का प्रयोग नहीं कर सकते हैं.
विधानसभा चुनाव में वोटिंग परसेंट बढ़ाना निर्वाचन आयोग का लक्ष्य
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनय कुमार चौबे ने बताया कि 80 प्लस उम्र वाले लोगों और दिव्यांग मतदाताओं की सुविधा के लिए इस चुनाव में पहली बार पोस्टल बैलट की व्यवस्था की गई है. अब तक यह सेवा सिर्फ सेना के लोगों और सर्विस वोटर के लिए थी. इस बार 80 प्लस उम्र वालों और दिव्यांगों की भागीदारी चुनाव के दौरान अधिक से अधिक हो इसलिए नई व्यवस्था लागू की गई है. पोस्टल बैलट के माध्यम से वोट करने के लिए मतदाता को नामांकन तिथि से 5 दिनों के अंदर फॉर्म 12 D भरना होगा. एक बार यदि कोई मतदाता इस फॉर्म को भर देता है तो उसे पोस्टल बैलट के माध्यम से ही वोट करना पड़ेगा.
टोकन व्यवस्था के तहत मतदाता कर सकते हैं वोट
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि विधानसभा चुनाव के दौरान अधिकांश मतदान केंद्रों पर टोकन व्यवस्था रहेगी.इसके तहत मतदाता बूथ पर जाकर टोकन ले लेंगे और अपनी बारी आने पर वोट कर सकेंगे. टोकन व्यवस्था के तहत वोटरों को अब लंबी-लंबी कतारों से निजात दिलाने का प्रयास किया जाएगा.
बूथ ऐप मोबाइल में कर सकते हैं डाउनलोड
झारखंड विधानसभा चुनाव में बूथ ऐप नाम से एक नया प्रयोग शुरू हो जा होने जा रहा है. इसके तहत मतदाता अपने स्मार्टफोन में बूथ ऐप डाउनलोड कर सकते हैं. इस ऐप के माध्यम से उन्हें अपने मतदान केंद्र पर उपस्थित वोटरों की संख्या पता चल जाएगा, जिसके बाद वे बूथ पर जाकर वोट कर सकते हैं. फिलहाल यह व्यवस्था 81 में से मात्र 15 विधानसभा क्षेत्र के शहरी मतदान केंद्रों पर लागू होगी.
बैठक में भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस, झारखंड विकास मोर्चा झारखंड मुक्ति मोर्चा,बहुजन समाज पार्टी, आजसू और वाम दल के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया.इस दौरान राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के चुनाव से संबंधित सवालों का भी जवाब मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने दिया.

