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मुख्यमंत्री ने जल कार्य, अधिभार एवं संयोजन नियमावली से संबंधित प्रस्ताव को दी मंजूरी

by bnnbharat.com
November 6, 2020
in समाचार
जरूरी इलाज से कोई वंचित न रहे, निजी अस्पताल जनता को परेशान न करें: हेमंत सोरेन
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नियमावली में जल संधारण, जल के रख-रखाव, जल संयोजन शुल्क और जल दर से संबंधित किए गए हैं प्रावधान

जल संयोजन (कनेक्शन) के आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी, निर्धारित समय में पूरी की जाएगी सारी प्रक्रियाएं

जल संयोजन को चार श्रेणियों में रखा गया है, आवासीय, वाणिज्यक, औद्योगिक और सांस्थिक एवं सरकारी जल संयोजन के लिए मासिक शुल्क का है प्रावधान

रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड नगरपालिका जल कार्य, जल अधिभार एवं जल संयोजन नियमावली-2020 के गठन से संबंधित प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है. इसे अब मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी के लिए रखा जाएगा. नगर विकास एवं आवास विभाग के इस प्रस्ताव में  जल संधारण, जल के रख-रखाव, जल संयोजन शुल्क एवं जल दर से संबंधित  प्रावधान किए गए हैं.

 झारखंड नगरपालिका जल कार्य, जल अधिभार एंव जल संयोजन नियमावली में ये हैं प्रावधान

 1- जल  संयोजन के लिए  आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है. जल संयोजन अनुमोदन, क्रियान्वयन और अधिष्ठापन की प्रक्रिया के तीन चरण होंगे एवं निर्धारित समयावधि में ये प्रक्रियाएं पूरी कर ली जाएंगी.

2- जल संयोजन चार प्रकार के होंगे. इसे आवासीय संयोजन, वाणिज्यिक संयोजन, औद्योगिक संयोजन और सांस्थिक एवं सरकारी संयोजन की श्रेणी में बांटा गया है. इन सभी श्रेणी के जल संयोजन के लिए मासिक शुल्क निर्धारित किया गया है. आवासीय जल संयोजन में बीपीएल परिवारों से एपीएल की तुलना मे आधा मासिक शुल्क लिया जाएगा. 

3- नियमावली में नलसाज के अनुज्ञप्ति जारी किए जाने संबंधी प्रावधान हैं. पहले के पुराने मीटर रहित संयोजन को मीटरयुक्त में परिवर्तित किए जाने की प्रक्रिया का निर्धारण किया गया है. अवैध जल संयोजन (कनेक्शन) को वैध मीटरयुक्त जल संयोजन में परिवर्तित किए जाने की प्रक्रिया एवं जुर्माने के संबंध में भी प्रावधान किया गया है. एकमुश्त जुर्माना भुगतान की स्थिति में जुर्माना शुल्क में छूट दिए जाने का भी प्रावधान है.

4- परिसरों की जलापूर्ति रोकने की शक्ति एवं जल की बर्बादी रोकने के संबंध में भी प्रावधान किए गए हैं.

5- नियमावली में जलापूर्ति संबंधी शहरी स्थानीय निकायों के सामान्य कर्तव्य एवं परिचालन से संबंधित प्रावधान किए गए हैं. इसमें रख-रखाव एवं संचालन शहरी स्थानीय निकाय तथा बाह्य स्त्रोत से माध्यम से किया जाएगा. बाह्य स्त्रोत रख-रखाव एवं संचालन गतिविधि के लिए जुडको केंद्रीय नोडल बिंदू होगा.

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