रांची : बीते तीन सालों से बंद डोरंडा स्थित रांची अशोक बिहार होटल को लेकर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने विभागीय पदाधिकारियों के साथ आज प्रोजेक्ट बिल्डिंग स्थित सभागार में बैठक की और मामले के विभिन्न बिन्दुओं की जानकारी ली. उन्होंने निर्देश दिया कि रांची अशोक बिहार होटल के संपूर्ण अंशधारिता क्रय हेतु जो भी प्रक्रिया है, उसमें कार्यवाही की जाय. पर्यटन विभाग की सचिव श्रीमती पूजा सिंघल ने मुख्यमंत्री को जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में भारत पर्यटन विकास निगम (आइटीडीसी) और बिहार पर्यटन के पास संयुक्त रूप से 87.75 प्रतिशत शेयर हैं वहीं राज्य सरकार के पास सिर्फ 12.25 प्रतिशत ही शेयर है.
राज्य गठन के पहले आइटीडीसी का 51 प्रतिशत और बिहार का 49 प्रतिशत शेयर इसमें था। राज्य बनने के बाद बिहार के 49 प्रतिशत शेयर में से 12.25 प्रतिशत शेयर झारखंड को दे दिया गया था. विभागीय सचिव ने बताया कि रांची अशोक बिहार होटल की भूमि झारखंड सरकार की है. वर्तमान समय में यह भूमि राजधानी रांची के प्राइम लोकेशन पर है और काफी कीमती है.
2018 से रांची अशोक बिहार होटल में सभी तरह की व्यावसायिक गतिविधियां हैं बंद
डोरंडा स्थित रांची अशोक बिहार होटल की सभी व्यावसायिक गतिविधियां मार्च 2018 से बंद है. यह होटल 2.70 एकड़ भूमि पर बना है। इस होटल की शुरुआत 12 जनवरी 1987 को हुई थी.
बैठक में मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, सचिव योजना सह वित्त विभाग हिमानी पांडे, सचिव पर्यटन विभाग पूजा सिंघल एवं निदेशक पर्यटन विभाग संजीव बेसरा उपस्थित थे.

