खास बातें:-
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मुख्यमंत्री मूक-बधिर युवती की बात समझ भावुक हुए
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वर्तमान सरकार ने रोजगारपरक नीतियां बनाई, जहां अच्छी नीतियां होती हैं निवेश वही होता है
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हमने पहले नीतियां बनाई फिर निवेशकों को आमंत्रित किया, आज सुखद परिणाम सामने है
रांचीः सीएम रघुवर दास ने कहा है कि अपने जीवन में नई शुरुआत कर रही बेटियों को शुभकामनाएं. आप सभी की दीपावली शुभ हो. झारखण्ड की बच्चियों को यहीं रोजगार मिले. उन्हें रोजगार के लिए अन्य राज्य में पलायन ना करना पड़े. इसके लिए वर्तमान सरकार ने बेहतर नीतियां बनाई. क्योंकि रोजगार के नाम पर राज्य की बच्चियों को बेच दिया जाता था. रोजगार के नाम पर उनका शारीरिक शोषण होता था. मुझे इससे बड़ी पीड़ा होती थी. बच्चियों को यही रोजगार मिले. इस को लक्ष्य बनाकर हमने वस्त्र उद्योग स्थापना हेतु पॉलिसी बनाई और आज धनतेरस के अवसर पर बच्चियों को रोजगार प्राप्त करता देख आंतरिक खुशी हो रही है.
सरकार का यही प्रयास था कि जॉब ओरिएंटेड पॉलिसी बने ताकि यहां के लोगों को रोजगार मिलने में किसी तरह की परेशानी ना हो. ये बातें मुख्यमंत्री ने होटवार इंडस्ट्रियल एरिया खेलगांव में ओरिएंटल क्राफ्ट की नवनिर्मित आधुनिक वस्त्र उद्योग इकाई के उद्घाटन समारोह में कही. मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड को विकासशील राज्य से विकसित राज्य की श्रेणी में लाना है और वस्त्र उद्योग इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
हर सेक्टर में रोजगार का हो रहा है सृजन
मुख्यमंत्री ने बताया कि वस्त्र उद्योग में लगातार निवेश हो रहा है. स्टील, पावर, फूड प्रोसेसिंग, फर्नीचर, फुट समेत अन्य सेक्टर में निवेश हो रहा है. आज ही चीन से आए प्रतिनिधि मंडल से हमारी मुलाकात हुई. उन्हें वस्त्र और जूता चप्पल उद्योग में निवेश करना है. उनके लिए 7 एकड़ जमीन की व्यवस्था भी हो गई है. वर्तमान सरकार हर सेक्टर में रोजगार का सृजन कर रही है. अधिक से अधिक निवेश और अधिक से अधिक रोजगार के अवसर सामने आए इसका प्रयास किया जा रहा है. सरकार का मानना है कि निवेश वही होता है, जहां नीतियां नियत अच्छी हो और पारदर्शी शासन व्यवस्था के साथ कार्य होता हो. झारखण्ड में पहले नीतियां ही नहीं बनी थी तो निवेश कैसे होता. MoU तक बात आकर रुक जाती थी.
दिव्यांग जनों को भी मिल रहा है रोजगार
मुख्यमंत्री ने कहा कि ओरिएंटल क्राफ्ट दिव्यांग जनों को हुनरमंद बनाकर रोजगार देने का कार्य कर रहा है. यह एक बहुत ही अच्छा प्रयास है. समाज में इसका सकारात्मक संदेश जाएगा. इस कार्य के लिए ओरिएंट क्राफ्ट को धन्यवाद.
दीपावली का उपहार झारखंड को मिला
रांची सांसद संजय सेठ ने कहा कि आज बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ की बात साकार हो रही है. झारखंड की बच्चियों को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं. दीपावली के अवसर पर झारखंड को इससे बेहतर उपहार और क्या मिल सकता है. वर्तमान सरकार ने झारखंड के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी है. सड़क, बिजली से लेकर अन्य आधारभूत संरचनाओं को विकसित करने का काम किया गया है.
पलायन रुका यह मोमेंटम झारखंड की देन
कांके विधायक डॉ जीतू चरण राम ने कहा कि झारखंड में ऐतिहासिक परिवर्तन हुआ है. आज एक बार फिर वस्त्र उद्योग में वस्त्र उद्योग का उद्घाटन हो रहा है. यहां की बच्चियों को रोजगार मिला है. यह सब मोमेंटम झारखंड की देन है. झारखंड से पलायन रुक गया है. स्वाभिमान के साथ यहां के लोग काम कर रहे हैं. सरकार लोगों को हुनरमंद बनाकर रोजगार दे रही है. उद्योग के क्षेत्र में सरकार का यह प्रयास विकास की कहानी कह रहा है.
अन्य राज्य के लिए हम उदाहरण बनेंगे
मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव ने डॉ सुनील कुमार ने कहा कि झारखण्ड अन्य राज्यों के लिए उदाहरण बनेगा. 2 साल में यह यूनिट बनकर तैयार हो गया. आनेवाले दिनों में यहां करीब 10 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा. इस इकाई को प्रारंभ करने में कुछ समस्याएं आई लेकिन हमने समय रहते समस्याओं का निदान किया. हमारी सोच टेक्सटाइल पॉलिसी को क्रियान्वित कर उदाहरण पेश करना था. हम इसमें सफल हुए. अब कई भारतीय कंपनियां झारखण्ड में इकाई लगाना चाहती हैं. 15 से 20 कंपनी जमीन लेकर कार्य कर रहीं हैं. दो वर्ष में सिर्फ वस्त्र उद्योग में हजारों रोजगार का सृजन करेंगे, इसके लिए युवाओं को हुनरमंद बनाया जा रहा है.
इस सरकार ने हमें थकने नहीं दिया
ओरिएण्टल क्राफ्ट के चेयरमैन सुधीर ढींगरा ने कहा कि यह सपना साकार होने जैसा है. 2016 में मैं मुख्यमंत्री से दिल्ली में मिला था तब उन्होंने कहा था कि झारखण्ड मुझे राज्य की बच्चियों को रोजगार प्रदान करना है. आप झारखण्ड आएं और वस्त्र उद्योग स्थापित करें. हम रांची आये. हमें यहां जमीन मिली. एक माह में हमें यहां काम प्रारम्भ करने की अनुमति मिल गई. इतनी तेजी से काम होते हमने नहीं देखा. आज विश्वस्तरीय उद्योग बन कर तैयार है. सरकार ने हमें कभी थकने नहीं दिया.
उद्योग को लेकर कुछ खास बातें…
- 90 दिन के अंदर तीसरे यूनिट का होगा शुभारंभ, जहां 500 दिव्यांग को मिलेगी नौकरी
- 2 हजार आधुनिक मशीन और विश्वस्तरीय एम्बोदडरी यूनिट
- 6 माह के अंदर 8 से 10 हजार को मिलेगा रोजगार, फिलहाल 3 हजार कर रहें हैं काम
- रोजगार पाने वालों में 99 प्रतिशत झारखण्ड के
- 25 एकड़ में स्थापित है इकाई

