रांची: पत्रकार विनय मुर्मू और प्रवीण कुमार की गर्भवती पत्नी को प्रसव के लिए भर्ती करने से डॉक्टरों ने इंकार कर दिया था. इस संबंध में रांची प्रेस क्लब ने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन देकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है.
जिसके बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई करने का भरोसा प्रेस क्लब को दिलाया है.
मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को रांची प्रेस क्लब द्वारा दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि फोटो जर्नलिस्ट विनय मुर्मू की गर्भवती पत्नी को प्रसव पीड़ा होने पर शहर के कई निजी अस्पताल, सदर और डोरंडा सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराना चाहा, लेकिन सभी ने भर्ती और इलाज करने से इंकार कर दिया. जिसके बाद मुर्मू ने अपनी पत्नी को गुरु नानक हॉस्पिटल में भर्ती कराया. जहां उनका प्रसव हुआ लेकिन बच्चे की मौत गर्भ में ही हो गई थी.
ज्ञापन में बताया गया कि इसी तरह पत्रकार प्रवीण कुमार की गर्भवती पत्नी का इलाज बरियातू के आरपीसी नर्सिंग होम से चल रहा था, लेकिन 26 अप्रैल को प्रसव के समय नर्सिंग होम ने भर्ती करने से इंकार कर दिया था. जिससे बच्चे की मौत प्रवीण की पत्नी के गर्भ में ही हो गई थी.
प्रेस क्लब के अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने बताया इस संबंध में मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को आज एक ज्ञापन देकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई थी. इस पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं. मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ने प्रेस क्लब को आश्वासन दिया है कि जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी .

