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अभिभावकों ने बालिग हो जाने के उपरांत ही विवाह करने का दिया शपथ पत्र
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बाल विवाह है गैरकानूनी, की जायेगी कड़ी कार्रवाई.
बेतिया पश्चिमी चम्पारण: बेतिया पश्चिमी चम्पारण जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने कहा कि बाल विवाह एक साामजिक बुराई है. इसकी रोकथाम के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा.
बाल विवाह रोकने के लिए संबंधित विभाग के साथ-साथ आमजन को भी सजगता से अपने कर्तव्यों का निवर्हन करना होगा. बाल विवाह के केवल दुष्परिणाम ही होते है. बाल विवाह के कारण शिशु व माता की मृत्यु दर में काफी वृद्वि हो जाती है. शारीरिक और मानसिक विकास पूर्ण नहीं हो पाता है.
उन्होंने कहा कि बाल विवाह को गैरकानूनी घोषित किया जा चुका है. बाल विवाह करवाने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध विधिसम्मत कड़ी कार्रवाई की जायेगी.उन्होंने बताया कि 4 जून को उन्हें सूचना मिली कि नौतन प्रखंड के एक पंचायत में बाल विवाह करवाया जा रहा है.
प्राप्त सूचना को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए अनुमंडल पदाधिकारी, बेतिया सदर को अविलंब वस्तुस्थिति का जायजा लेने का निदेश दिया गया. एसडीओ ने विवाहस्थल पर पहुंच जायजा लिया तो पता चला कि आज इनकी पुजाई हुई है, विवाह कल किया जायेगा.
एसडीओ द्वारा लड़के तथा लड़की पक्ष को बुलाकर यह बात बतायी गयी कि बाल विवाह गैरकानूनी है तथा इसमें कठोर दंड का प्रावधान भी है. किसी भी परिस्थिति में बाल विवाह उचित नहीं है. ऐसा करने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जायेगी.
एसडीएम तथा अन्य अधिकारियों के समझाने के उपरांत दोनों पक्षों ने अपनी गलती मानी और बाल विवाह नहीं करवाने की बात भी कही. लड़का तथा लड़की के अभिभावकों द्वारा शपथ पत्र दिया गया कि जबतक लड़का-लड़की बालिग नहीं हो जाते हैं, तबतक वे उनकी शादी नहीं करवायेंगे.
साथ ही जिलाधिकारी द्वारा जिला शिक्षा पदाधिकारी को निदेशित किया गया है कि बच्ची की पढ़ाई-लिखाई की पूरी व्यवस्था अच्छी तरीके से करायी जाय.

