नई दिल्ली: सोमवार रात को भारत और चीन के बीच हुई हिंसक झड़प में भारत के 20 सैनिक शहीद हो गए. इस झड़प में चीन को भी भारी नुकसान हुआ है. कहा जा रहा है कि इसमें चीन के 43 सैनिक सैनिक घायल हुए हैं. मगर चीन की तरफ से इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. इस झड़प के अगले दिन चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने अपने संपादकीय में कहा है कि भारत को ऐसा भ्रम नहीं होना चाहिए कि उसकी सेना मजबूत हैं.
भारतीय सेना को है भ्रम
चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है कि पिछले कुछ सालों से भारत का रवैया अमेरिका के दवाब में चीन के प्रति बदल रहा है. भारत लगातार चीन को उसका रहा है. इस हिंसक झड़प के लिए भी चीन ने भारत पर आरोप लगाते हुए कहा है कि शुरुआत भारत की तरफ से की गई थी. भारत विवादित क्षेत्र में कंस्ट्रक्शन का काम कर रहा है. जिससे दोनों देशों के बीच हुआ समझौता खतरे में पड़ रहा है. चीन आगे कहता है कि भारत को ऐसा भ्रम है कि वह चीनी सेना को मात दे सकता है लेकिन यह सच नहीं है. पूरी दुनिया चीन की ताकत से परिचित है.
अमेरिका के दवाब में भारत कर रहा प्रतिक्रिया
चीन भारत के इस रवैया के पीछे अमेरिका का दवाब बता रहा है. वह कहते हैं कि अमेरिका अपनी इंडो-पैसेफिक नीति के तहत भारत का इस्तेमाल कर रहा है. वह पिछली बार डोकलाम विवाद के समय भी साबित हुआ था. चीन कहता है कि हम भारत से युद्ध नहीं चाहते हैं और इस विवाद को बातचीत से सुलझाना चाहते हैं लेकिन चीन शांति की शर्त पर अपनी संप्रभुता से समझौता नहीं करेगा.
भारत और चीन चाहते हैं शांति
चीन ने कहा है कि गलवान रैली में विवाद में दोनों देशों की सेनाओं को नुकसान हुआ है. मगर अच्छी बात यह है कि दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों ने आगे आकर स्थिति का हल शांति से निकालने की कोशिश की है. इससे यह स्पष्ट होता है कि भारत और चीन दोनों देश शांति चाहते हैं. वह कहते हैं हम नहीं चाहते कि भारत के प्रति हमारे नागरिकों में गुस्सा पैदा हो इसलिए हमने अपने सैनिक की क्षति का आंकड़ा जारी नहीं किया है.

