उत्तर प्रदेश: पूर्व गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली शाहजहांपुर की विधि छात्रा को हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है. कोर्ट ने छात्रा की गिरफ्तारी पर रोक लगाने और मजिस्ट्रेट के समक्ष 164 सीआरपीसी का बयान दोबारा दर्ज कराने की मांग पर आदेश देने से इनकार कर दिया.
कोर्ट ने कहा कि इस अदालत को सिर्फ एसआईटी द्वारा की जा रही विवेचना की निगरानी का क्षेत्राधिकार है. इसलिए गिरफ्तारी पर रोक के लिए छात्रा समक्ष क्षेत्राधिकार वाले न्यायालय में अर्जी दे सकती है. कोर्ट ने मजिस्ट्रेट के समक्ष दोबारा बयान दर्ज कराने की बयान में सुधार करने की इजाजत देने से यह कहते हुए इनकार कर दिया कि छात्रा की अर्जी में किसी प्रक्रियागत खामी को उजागर नहीं किया जा सका है. इस मामले पर 22 अक्टूबर को सुनवाई होगी.

