नई दिल्ली:– विधि की छात्रा से दुष्कर्म के आरोप से बरी होने के बाद पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद ने अपने राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि युवती को मोहरा बनाकर उन्हें फंसाने की साजिश अदालत में बेनकाब हो चुकी है. हालांकि अब वह किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं. जो बीत गया सो बीत गया.
चिन्मयानंद ने कहा कि उनकी राजनीतिक और सामाजिक छवि को खराब करने के लिए विरोधियों ने पूरा षडयंत्र रचा था. प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद से ही विरोधी उनके बढ़ते राजनीतिक प्रभाव और पकड़ से चिंतित थे. खासतौर पर 25 फरवरी 2018 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एसएस कॉलेज में आने के बाद विरोधियों ने साजिशें तेज कर दी थीं.चिन्मयानंद ने कहा कि उनका मकसद कॉलेज को विश्वविद्यालय बनाने का था, ताकि जिले के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए भटकना न पड़े. उनके खिलाफ रची गई साजिश से जिले के शैक्षिक विकास को झटका लगा है. उन्होंने जिले के कुछ नेताओं का नाम लिए बिना कहा कि उनकी राजनीतिक और सामाजिक छवि को बिगाड़ने के लिए लगातार साजिश की जा रही थी, लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिल रही थी. इसके बाद युवती को हथियार बनाकर उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर करने का गहरा षडयंत्र रचा गया था. मगर अदालत के फैसले ने दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया. अदालत के निर्णय से वह खुश हैं, और चाहते हैं कि अब बात आगे न बढ़ें. अब वह किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं.
दिनभर बधाई देने वालों की भीड़ लगी रही
26 मार्च को लखनऊ स्थित एमपीएमएलए कोर्ट से पक्ष में आए फैसले के वक्त चिन्मयानंद परिसर में मौजूद थे. फैसला आते ही अदालत परिसर के बाहर कई जिलों से आए लोगों ने उन्हें बधाई दी. रात करीब तीन बजे चिन्मयानंद शाहजहांपुर स्थित अपने आश्रम पहुंचे. मुमुक्षु आश्रम परिसर में शनिवार को दिनभर चिन्मयानंद को बधाई देने वालों का तांता लगा रहा.

