सरायकेला/ खरसावां: जिले में स्वच्छ भारत अभियान की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है. जैसा कि आप इन तस्वीरों में साफ तौर पर देख सकते हैं. ये है सरायकेला- खरसावां जिला मुख्यालय स्थित निबंधन कार्यालय परिसर का शौचालय. इन तस्वीरों को देखकर आप स्वतः ही अंदाजा लगा सकते हैं कि स्वच्छ भारत अभियान के नाम पर यहां क्या हो रहा है.
आपको बता दें कि निबंधन कार्यालय में औसतन प्रतिदिन 100 से ज्यादा महिलाएं आती है जिनका यहां किसी ना किसी चीज का निबंधन होता है. जरा कल्पना कीजिए उन महिलाओं पर क्या गुजरती होगी, जिन्हें शौचालय का प्रयोग करना पड़ता होगा. उनके सामने कैसी विषम स्थिति होती होगी.

जैसा कि तस्वीरों में आप देख सकते हैं, निबंधन कार्यालय के लिए कुल 4 शौचालय बनाए गए हैं. जिनमें तीन में ताले लटके रहते हैं. एक शौचालय खुली रहती है, महिला हो या पुरुष सभी को इसी शौचालय का प्रयोग करना पड़ता है. पूरा निबंधन कार्यालय बदबू से मदहोश रहता है लेकिन लोग यहां मजबूरी में अपनी बारी के इंतजार में बैठे रहते हैं. हालांकि इस संबंध में हमने रजिस्ट्रार से बात करने का प्रयास किया, लेकिन रजिस्ट्रार साहब अपने कक्ष में नजर नहीं आए. उसके बाद हमने मामले में जिला के प्रभारी डीसी संजय कुमार को अवगत कराया. हालांकि इससे पूर्व भी उनके संज्ञान में यह मामला आ चुका था. उन्होंने फौरन अपने मातहत को फोन लगाया और जमकर फटकार लगाई. उन्होंने इसे एक भूल बताया और कहा कि वाकई यह एक निंदनीय एवं गंभीर मामला है.
सवाल यह उठता है कि आखिर पूरे जिले को स्वच्छता का संदेश देने वाला जिला मुख्यालय अगर गंदगी से सराबोर है, तो यह दूसरों को स्वच्छता का क्या संदेश दे सकता है. हालांकि यह नजारा केवल निबंधन कार्यालय का है, जबकि यहां के अन्य विभागों का भी कमोबेश यही हाल है. ऐसे में स्वच्छ भारत अभियान के नाम पर पूरे जिले के सभी कार्यालयों में महज खानापूर्ति हो रही है ऐसा कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा.

