“सिर्फ शराब के कारण महिलाओं के साथ उत्पीड़न हो रहा है या घरेलू हिंसा बढ़ीं हैं, उचित नहीं है. इसके और भी कई कारण हैं. उन्होंने कहा कि सरकार महिला असमानता को दूर करने, महिला उत्पीड़न को रोकने के लिए कई योजनाएं चला रही है. सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी काम कर रही है. फूलो झानो योजना के तहत 25 हजार महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया है. ये सभी महिलाएं पहले दारू हड़िया बेंचती थी.” उक्त बातें झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को विधानसभा सत्र में प्रश्नकाल के दौरान कही.उन्होंने स्पष्ट किया कि झारखंड सरकार शराबबंदी लागू नहीं करेगी. सरकार के पास इस तरह का कोई प्रस्ताव नहीं है. कुछ दिन पूर्व झामुमो विधायक लोबिन हेम्ब्रम ने पिछले दिनों सदन में मुख्यमंत्री से झारखंड में शराबबंदी लागू करने की मांग की थी. झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन ने भी झामुमो के स्थापना दिवस पर शराबबंदी की वकालत की थी. झारखण्ड में शराब बंदी की मांग कांग्रेस विधायक दीपिका पांडेय सिंह ने मुख्यमंत्री प्रश्नकाल में की. उन्होंने कहा कि शराब के कारण घरेलू हिंसा में वृद्धि हुई है. महिला उत्पीड़न के मामले बढ़ रहे हैं. मुख्यमंत्री हेमंत ने सरकार का इस ओर ध्यान है कि महिला उत्पीड़न नहीं हो, घरेलू हिंसा पर अंकुश लगे. हम इस पर सरकार काम भी कर रहे है.

