नई दिल्ली: कोरोना संकट को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी के साथ सीएम अशोक गहलोत की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में चर्चा के बाद उन्होंने पीएम मोदी को खत लिखा है, जिसमें कई मांगे और सुझाव भी दिए गए. सीएम गहलोत ने पीएम नरेंद्र मोदी से कहा है कि देश की अर्थव्यवस्था गहरे संकट से गुजर रही है. ऐसे में अधिकांश औद्योगिक वाणिज्य इकाइयां अपनी क्षमता से बहुत कम उत्पादन कर पा रही है. ऐसे में भारत सरकार को मांग बढ़ाने के उपाय के बारे में सोचने की जरूरत है, उन्होंने कहा कि जरूरतमंद परिवारों को डायरेक्ट कैश ट्रांसफर करने की भी आवश्यकता है ताकि उनकी क्रय शक्ति बढ़े, वही मंदी से जूझ रहे उद्योग को श्रमिकों के वेतन सुझाव के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए.
मनरेगा योजना के दिन बढ़ाने की मांग
सीएम गहलोत ने पीएम को दिए सुझाव में मनरेगा योजना में काम करने के दिन को 100 से बढ़ाकर 200 करने की भी बात कही है. सीएम गहलोत का कहना है कि कोरोना संकट के कारण लाखों लोग बेरोजगार हो गए हैं, इसलिए रोजगार देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं. मनरेगा योजना इस मुश्किल समय में लोगों को आर्थिक मदद दे सकता है. उन्होंने बताया कि राजस्थान में अभी 53 लाख से अधिक श्रमिक योजना में नियोजित है जिसमें से ज्यादातर ग्रामीण परिवारों के हैं, ऐसे में उन्हें सहायता देने के लिए मनरेगा के दिन को बढ़ाकर 100 से 200 तक कर दिया जाए जिससे 70 लाख ग्रामीण परिवारों को लाभ होगा.
जीएसटी प्रतिपूर्ति भुगतान जल्द करने की मांग
इसके अलावा सीएम गहलोत ने राज्य की आर्थिक हालत को सुधारने के लिए कम राज्य के चलते केंद्रीय योजनाओं का पूरा अंशदान इस वित्तीय वर्ष में केंद्र सरकार द्वारा वहन करने की मांग की है, और 5461 करोड़ रुपए का जीएसटी प्रतिपूर्ति भुगतान जल्द करने की मांग की है. इसके अलावा पीएम ने राज्य को एक मुफ्त ब्लॉक ब्रांड के रूप में एक लाख करोड़ रुपए की स्वीकृति जारी करने की भी बात को दोहराई है और प्रदेश में टीड्डियों से हुए नुकसान के लिए और उनके नियंत्रण के लिए टीड्डी चेतावनी संगठन के पास प्रेयर की संख्या बढ़ाने, हवाई छिड़काव की व्यवस्था करने बात की है.
कोरोना को लेकर नहीं हुई कोई चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद सीएम गहलोत ने ट्वीट कर लिखा कि सभी राज्य कोरोना वायरस से निपटने की बेस्ट प्रैक्टिसेज जानते हैं. सभी राज्य बात को लेकर निराश हैं. आज की वीसी में कोरोना को लेकर केंद्र और राज्यों की चुनौतियों और समस्याओं पर कोई चर्चा नहीं की गई. लॉकडाउन के बाद की कठिनाइयों से राज्यों की केंद्र कैसे मदद करेगा इस पर चर्चा होनी चाहिए थी.

