निजी क्षेत्र में आरक्षण और बेरोजगारी भत्ता पर कैबिनेट में हुई चर्चा
रांची. झारखंड में निजी क्षेत्र में स्थानीय लोगों को 75 फीसदी आरक्षण और बेरोजगारी भत्ता देने को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन विधानसभा के बजट सत्र में बड़ी घोषणा कर सकते है. बताया जा रहा है कि आज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई बैठक में भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई. लेकिन प्रेस ब्रीफिंग में इस विषय पर कुछ भी आधिकारिक जानकारी नहीं दी गयी. लेकिन यह चर्चा उस कारण जोड़ पकड़ ली, ब कैबिनेट सचिव ने प्रेस ब्रीफिंग के पहले आज हुई बैठक में एजेंडों की संख्या के बारे में कुछ भी बताने से इनकार कर दिया. बाद में कैबिनेट विभाग के ही एक अन्य अधिकारी ने बताया कि अभी विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है, इसलिए कुछ विषयों पर सदन के बाहर जानकारी नहीं दी जा सकती.
सूत्रों के मुताबिक राज्य सरकार ने बेरोजगारों को 5000 रुपये का जीवनयापन भत्ता देने और निजी क्षेत्र में 75 प्रतिशत आरक्षण के प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान कर दी है. इन दोनों विषयों को लेकर विधेयक के प्रारूप पर चर्चा हुई और संभवतः इसे विधानसभा के चालू बजट सत्र में पेश किया जा सकता है, लेकिन कैबिनेट सचिव अजय कुमार सिंह ने इन प्रस्तावों को लेकर प्रेस ब्रीफिंग में कुछ भी जानकारी नहीं दी. माना जा रहा है कि अभी बजट सत्र चल रहा है,ऐसे में संसदीय परंपरा के अनुरूप राज्य सरकार सदन से बाहर कोई बड़ी नीतिगत घोषणा नहीं कर सकती, यही कारण है कि आज आधिकारिक प्रेस ब्रीफिंग में इसका जिक्र नहीं किया गया और समय आने पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कैबिनेट की बैठक में इसे लेकर कोई बड़ी घोषणा कर सकते है. बताया जा रहा है कि निजी क्षेत्र में आरक्षण और बेरोजगारी भत्ता को लेकर राज्य सरकार विधानसभा में विधेयक लाएगी, तभी जेएमएम गठबंधन सरकार अपने इन दोनों एजेंडों को अमलीजामा पहना सकती है.
जेएमएम की ओर से पार्टी घोषणा पत्र में भी बेरोजगारी भत्ता और निजी क्षेत्र में आरक्षण देने का वायदा किया गया था और 14 महीने में इस विषय पर कोई फैसला नहीं लेने को लेकर भाजपा इस मुद्दे को लेकर सरकार को लगातार घेरती रही है.

