रांचीः मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि खादी केवल वस्त्र नहीं है, यह विचार है. यह आपको भारतीय संस्कृति से जोड़े रखती है. खादी हमारे संस्कारों की पहचान है, बुनकरों का सम्मान है. आप खादी वस्त्रों को अपनाएं और स्वदेशी को बढ़ावा दें. आपकी ये पहल हमारी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने वाले बुनकर भाई-बहनों की समृद्धि सुनिश्चित करेगी. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने हमेशा खादी के वस्त्र और कुटीर उद्योग के उत्पादों के उपयोग पर जोर दिया. वे स्वदेशी कपड़ों, स्वधर्म, स्वभाषा और स्वशासन के हिमायती थे. केंद्र सरकार और राज्य सरकार मिलकर गांधी जी के सपने को पूरे करने का प्रयास कर रही है. सीएम मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में “खादी ऑन व्हील्स” के शुभारंभ के मौके पर बोल रहे थे.
पीएम ने महात्मा गांधी के सपनों को पूरा करने का बीड़ा उठाया
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने स्वच्छता पर जोर दिया था. प्रधानमंत्री ने उनके सपने को पूरा करने का बीड़ा उठाया. उसी संकल्प को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार ने पूरे राज्य को खुले में शौच मुक्त कराया. पूर्ववर्ती सरकारों ने गांधी जी के नाम का उपयोग अपने भले के लिए किया, लेकिन हमारी सरकार उनके सपनों को पूरा कर उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित कर रही है.
जन-जन तक पहुंचे खादी
मुख्यमंत्री ने कहा कि “खादी ऑन व्हील्स” के माध्यम से खादी को हम जन जन तक पहुंचा सकेंगे. इस गाड़ी को हाट बाजार में लगाएं. हम ज्यादा से ज्यादा खादी उत्पादों का उपयोग करें, तो गरीबों के जीवन में खुशहाली आएगी. यह भी एक तरह से देश सेवा है. झारखंड में वनोपज की भी काफी संभावना है. राज्य सरकार उनको भी आगे बढ़ा रही है. आने वाले समय में हम इनके माध्यम से लोगों के जीवन में बदलाव ला सकेंगे.
कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार, रांची के सांसद संजय सेठ, विधायक डॉ जीतू चरण राम, माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्रीचंद प्रजापति, उद्योग सचिव के रवि कुमार समेत अन्य लोग उपस्थित थे.

