धनबादः धनबाद पुलिस का बर्बर चेहरा एक बार फिर सामने आ गया है. ऐसे समय में जब मानवीय संवेदना की जरूरत थी तो झरिया थानेदार पीके सिंह ने उछल-उछल कर फिल्मी अंदाज में अपनी ताकत दिखाई.
बता दें कि हत्या के बाद न्याय की मांग कर रहे मोहित श्रीवास्तव के परिजनों पर पीके सिंह ने लाठियां चटकाई. मां-बहन को गंदी-गंदी गालियां दी. हद तो तब हो गई जब वह अपनी इस कार्रवाई को हल्का बल प्रयोग करते हुए बचाव किया.
यह मामला मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तक पहुंचा है. मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर पुलिस के वरीय अधिकारियों को कार्रवाई का निर्देश दिया है. अब देखना है इस मामले में पुलिस की छवि को बनाने के लिए वरीय अधिकारी काैन की कार्रवाई करते हैं.
ईस्ट बसुरिया निवासी एना आरके ट्रांसपोर्ट आउटसोर्सिंग परियोजना के 26 वर्षीय हाजिरी बाबू मोहित कुमार का शव मंगलवार को गिरिडीह जिले के निमियाघाट में मिला था. उसकी हत्या की गई थी. इसके बाद स्वजन न्याय मुआवजा की मांग को लेकर एना में पहुंचे थे. करीब 12 बजे उसका शव लेकर स्वजन व अन्य लोग परियोजना पहुंचकर मुआवजा व हत्या की जांच की मांग कर प्रदर्शन करने लगे.
वहीं आउटसोर्सिंग प्रबंधन का कहना है कि ये लोग उग्र हो गए थे. कई के हाथ के पत्थर भी थे. इन्होंने कर्मियों व सुरक्षा कर्मियों के साथ धक्कामुक्की शुरू कर दी. कोयला उत्पादन ठप करा दिया.
इस बीच आउटसोर्सिंग कंपनी के अधिकारी अभिषेक सिंह, बोर्रागढ़ ओपी प्रभारी सौरभ चौबे की कैंप में आंदोलनकारियों से वार्ता होने लगी. करीब साढ़े बारह बजे झरिया थाना प्रभारी पीके सिंह दलबल के साथ आए. उन्होंने आउटसोर्सिंग कंपनी के मुख्य द्वार पर खड़े लोगों को जगह खाली करने का अल्टीमेटम दिया. जब लोग नहीं हटे तो लाठीचार्ज कर दिया.

