जगदम्बा प्रसाद शुक्ल,
प्रयागराज: अपराध नियंत्रण के साथ ही कानून व्यवस्था बनाए रखने में भी विफल साबित होने वाले एसएसपी अभिषेक दीक्षित को सीएम योगी आदित्यनाथ ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.
निलंबन की अवधि में वह डीजीपी कार्यालय से सम्बद्ध रहेंगे. गृह विभाग के एक प्रवक्ता ने आज शाम बताया कि अभिषेक दीक्षित पर प्रयागराज के एसएसपी के रूप में तैनाती की अवधि में अनियमितताएं करने के साथ शासन के निर्देशों का अनुपालन सही ढंग से नहीं करने का आरोप है. शासन एवं मुख्यालय के निर्देशों के अनुरूप नियमित रूप से फुट पेट्रोलिंग के साथ बैंक व व्यवसायिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई.
प्रयागराज में तीन माह में लंबित विवेचनाओं में भी निरंतर वृद्धि हुई. इसके साथ कोरोना महामारी के संबंध में भी शासन/मुख्यालय से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के निर्देशों का सही ढंग से पालन नहीं कराया गया. जिस पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी नाराजगी व्यक्त की गई. जानकार बताते हैं कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिषेक दीक्षित को यूं ही मुख्यमंत्री ने निलंबित नहीं किया. तीन माह में जितने तबादले जिले में हुए, शायद ही कभी हुए हों.
सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर तक इतने तबादले हुए कि खुद पुलिस महकमे में ही हड़कंप मच गया था. अभिषेक दीक्षित ने जिले की कमान संभालने के कुछ ही दिन बाद पुलिसकर्मियों के स्थानांतरण करने शुरू किये. शुरुआती दौर में दो-चार ही तबादले हुए, लेकिन इसके बाद इसमें ऐसी तेजी आई कि यह लगातार बरकरार रही. 25 थानेदार एक ही दिन में बदल दिए गए. दर्जनों चौकी प्रभारी इधर से उधर हो गए. अधिकांश तो लाइन हाजिर हुए. इतना ही नहीं, सिपाहियों पर भी गाज गिरी और बड़ी संख्या में सिपाही लाइन हाजिर किए गए.
एसएसपी आफिस से फोन कर इनको लाइन हाजिर किया गया. देर शाम सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी को प्रयागराज का एसएसपी नियुक्त किया गया.

