रांचीः सीएम हेमंत सोरेन ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान बिजली संशोधन बिल स्वीकार्य नहीं है. इस पर केंद्र और राज्य सरकारों को गंभीर मंथन करने की जरूरत है.
केंद्र सरकार ने 17 अप्रैल 2020 में बिजली संशोधन बिल का प्रस्तावित स्वरूप जारी किया गया. जिसमें राज्यों से सुझाव मांगा गया था. सीएम ने पत्र में इस बात का भी उल्लेख किया है कि बिल के कई प्रावधान हानिकारक है. जिससे उपभोक्ताओं का हित प्रभावित होगा.
सीएम ने यह पत्र ऊर्जा राज्य मंत्री राजकुमार सिंह को लिखा है. पत्र में कहा गया है कि प्रस्तावित बिल राज्य विद्युत नियामक आयोग के अधिकारों को कम कर देगी. वर्तमान में सब्सिडी और क्रॉस सब्सिडी सरचार्ज आयोग तय करता है. अलग-अलग राज्यों में सब्सिडी लेने वाले उपभोक्ताओं की स्थिति अलग है.

राज्य में गरीबी दर है अधिक
पत्र में कहा है कि राज्य में गरीबी दर अधिक है. ऐसे में सब्सिडी दरों को तय करने का अधिकार आयोग के पास ही रहने दिया जाये. डीबीटी के जरिये सब्सिडी, नेशनल टैरिफ पॉलिसी, रिन्यूएबल पर्चेस ऑब्लिगेशन समेत कई प्रावधानों पर आपत्ति जतायी है. अगर यह अधिकार केंद्र को जाता है तो वितरक कंपनियों और राज्य सरकार को इस पर अधिक ध्यान देना होगा. साथ ही पूर्व तैयारी के यह सभंव नहीं है.

