रांची: झारखंड को-ऑपरेटिव बैंक में 38 करोड़ के लोन घोटाले में सीआईडी ने तत्कालीन सहायक महाप्रबंधक (एजीएम) लेखा संदीप सेन को गिरफ्तार कर लिया है. सीआईडी की टीम सेन को लेकर झारखंड लौट रही है.
सीआईडी मुख्यालय ने बताया कि सेन पर आरोप है कि इनके द्वारा झारखंड स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक सरायकेला शाखा के तत्कालीन प्रबंधक सुनील कुमार सतपती और कर्मचारी मदनलाल प्रजापति के साथ साजिश रचकर एक निजी व्यक्ति संजय कुमार डालमिया को अवैध लाभ पहुंचाने की नीयत से बैंक के ऑफिशियल अकाउंट से अनधिकृत रूप से राशि का हस्तांतरण कर संजय कुमार डालमिया के पूर्व से चल रहे 12 बैंक खातों को अनधिकृत रूप से बंद कर दिया गया.
इससे बैंक को कुल चार करोड़ 14 लाख 30 हजार रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ. इनके खिलाफ सक्षम प्राधिकार द्वारा मुकदमा चलाये जाने के लिए अभियोजन स्वीकृति आदेश निर्गत किया जा चुका है. मौखिक, दस्तावेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर शीघ्र ही उपरोक्त कांड में आरोप पत्र समर्पित किया जायेगा.
बता दें कि कॉ-ओपरेटिव बैंक में साल 2011 से लेकर 2016 तक बैंक अधिकारियों की मदद से 38 करोड़ का लोन घोटाला हुआ है. विभागीय जांच के बाद इस मामले में अगस्त 2019 में सरायकेला के संजय डालमिया समेत अन्य बैंक कर्मियों कोल के आधार पर यह लोन लिया था. बैंक के द्वारा मॉर्गेज रखे गए कागजातों से अधिक की लोन राशि स्वीकृत कर दी गई थी. बाद में लोन एनपीए हो गया था. पूरे मामले में 1 दर्जन से अधिक बैंक अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध हैं.
सीआईडी ने मंगलवार को झारखंड स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक के तत्कालीन सहायक महाप्रबंधक (एजीएम) लेखा संदीप सेन को गिरफ्तार कर लिया. सेन को पश्चिम बंगाल के खड़गपुर से गिरफ्तार किया गया है. सीआईडी की टीम सेन को लेकर झारखंड लौट रही है.
सीआईडी मुख्यालय ने बताया कि सेन पर आरोप है कि इनके द्वारा झारखंड स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक सरायकेला शाखा के तत्कालीन प्रबंधक सुनील कुमार सतपती और कर्मचारी मदनलाल प्रजापति के साथ साजिश रचकर एक निजी व्यक्ति संजय कुमार डालमिया को अवैध लाभ पहुंचाने की नीयत से बैंक के ऑफिशियल अकाउंट से अनधिकृत रूप से राशि का हस्तांतरण कर संजय कुमार डालमिया के पूर्व से चल रहे 12 बैंक खातों को अनधिकृत रूप से बंद कर दिया गया.

