रांची: ट्रेड यूनियनंस की ओर से संयुक्त रूप से 2 मार्च को पूरे देश में मजदूर विरोधी लेबर कोड की प्रति का दहन किया जायगा.
भाजपा की मोदी सरकार द्वारा 44 श्रम कानूनों को 4 लेबर कोड में बदल कर श्रम कानूनों को मालिकों के पक्ष में बदल रही है. यह मजदूरों को गुलाम बनाने की साजिश है. इसी क्रम में संसद के पिछले मानसुन सत्र में दो लेबर कोड पेश किया – कोड आन वेजेज बिल 2019 ( वेज कोड) और आक्युपेशनल, सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशंस कोड बिल 2019 ( ओएसएच कोड).
पहला वेज कोड संसद से पारित हो गया है और राष्ट्रपति की सहमति के बाद इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी गई है. दुसरा ओएसएच कोड श्रम मंत्रालय की स्थायी कमिटी के पास भेजा गया है. इस बीच अन्य दो लेबर कोड इंडस्ट्रियल रिलेशन कोड बिल 2019 (आई आर कोड) और सोशल सिक्युरिटी कोड बिल 2019( एस एस कोड) भी लोकसभा के हाल ही में संपन्न शीतकालीन सत्र में पेश किया गया है.
सीटू समेत सभी ट्रेड यूनियन सरकार के इस कदम का लगातार विरोध कर रहें है. कई देश व्यापी हड़ताल भी आयोजित की गई है. इसी कड़ी में 2 मार्च को हर स्तर पर इस मजदूर विरोधी लेबर कोड की प्रति का दहन किया जायगा. राज्य सरकार सी.ए.ए, एन.आर.सी एवं एन.पी.आर के विरुद्ध चल रहे विधानसभा सत्र में प्रस्ताव पारित करे.

