खास बातें:-
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2014 के बाद से भाजपा के पाले में दल बदल कर आ चुके हैं एक दर्जन विधायक
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अब दूसरे दल भी कर सकते हैं भाजपा में सेंधमारी, कई दिग्गज बदल सकते हैं पाला
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झारखंड में दल बदल नई चीज नहीं, दलबदलु नेताओं की है लंबी फेरहिस्त
रांचीः झारखंड में पाला (ठंढ) गिरना शुरू हो गया है. धीरे-धीरे पाला और कंपकंपाएगा, लेकिन प्रदेश की राजनीति में पाला बदल ने कई दलों की धड़कने बढ़ा दी है. झारखंड में जबरदस्त पाला बदल का खेल शुरू हो गया है. बस कहिए कि आधे इधर, आधे उधर जाओ. प्रदेश भाजपा ने अब तक एक दर्जन विधायकों को आपने खाते से ऐड कर लिया है. इसमें 2014 से झाविमो छोड़ आए छह विधायक के अलावा कांग्रेस के सुखदेव भगत, मनोज यादव, झामुमो के कुणाल षाडंगी व जेपी पटेल, नौजवान संर्घष मोरचा के भानू प्रताप शाही व झाविमो के प्रकाश राम शामिल हैं.
भाजपा के कई दिग्गज भी बदल सकते हैं पाला
वैसे तो झारखंड में दल बदल कोई नई चीज नहीं है. यहां दलबदलुओं की लंबी फेरहिस्त है. भाजपा ने अपने मिशन 65 प्लस को लेकर अपने तेवर तल्ख कर लिया है. लेकिन भाजपा के कई वैसे दिग्गज जिन्हें टिकट नहीं मिलने की संभावना दिख रही है, वे दूसरे दलों की ओर रूख कर सकते हैं. वहीं दूसरे दल भी वेट एंड वॉच में है.
बीजेपी से भी कई दिग्गज बदल सकते हैं पाला
बीजेपी से भी कई दिग्गज पाला बदल सकते हैं. बरही विधायक मनोज यादव के भाजपा में शामिल होने को बाद उमाशंकर अकेला की स्थिति असमंजस वाली हो गई है. पाला बदलने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता. झामुमो छोड़ भाजपा में शामिल हुई साबी देवी के लिए भी असमंजस की स्थिति बन गई है. लातेहार और डालटनगंज में भी बीजेपी नेताओं के बीच असमंजस की स्थिति हो गई है. लातेहार से प्रकाश राम और डालटनगंज से आलोक चौरसिया झाविमो छोड़ बीजेपी में शामिल हुए हैं. ऐसे में वहां बीजेपी के पुराने कैडर को टिकट नहीं मिलने पर बगावत की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता.
हटिया और लोहरदगा में असमंजस
हटिया और लोहरदगा में भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है. 2014 में हटिया से सीमा शर्मा बीजेपी की उम्मीदवार थी. लेकिन वहां झाविमो से नवीन जायजसवाल ने जीत हासिल की थी फिर कुछ दिनों के बाद नवीन ने पाला बदल बीजेपी का दामन थाम लिया. ऐसे में टिकट की आस लगाए बीजेपी के पुराने नेताओं के बीच असमंजस की स्थिति बन गई है.
वहीं सुखदेव भगत के बीजेपी में आ जाने के कारण लोहरदगा सीट पर भी असमंजस की स्थिति बन गई है. लोहरदगा आजसू की परंपरागत सीट रही है. यह सीट नहीं मिलने पर आजसू के पूर्व विधायक बगावती तेवर अपना सकते हैं.

