जसशेदपुर (सरायकेला) :– सरायकेला जिला के ट्यूनिया गांव के रहनेवाले 20 से 27 वर्ष तक के एक युवक सहदेव लोहार की मौत तथा पांच युवकों के संदिग्ध परिस्थिति में बीमार पड़ने का मामला अब तूल पकड़ने लगा है. ये सभी साबुन, तेल व एग्रो प्रोडक्ट बेचने वाली हजारीबाग स्थित ग्लेज इंडिया प्राईवेट लिमिटेड कंपनी में काम करते थे. बीते 25 दिसंबर की 12 बजे रात को एक कमरे में सोये आठ युवक अचानक से बीमार पड़ बेसुध हो गये तथा एक जोर जोर से चिल्लाने लगा. आवाज सुनकर बगल के कमरे में सोये इन युवकों के साथी कमरे के खिड़की के पास आकर दरवाजा खुलवाने की कोशिश की.
मगर दो घंटे तक कमरे के अंदर बेहोश पड़े युवक दरवाजा नहीं खोल पा रहे थे. दो घंटे के बाद एक ने किसी तरह उठकर दरवाजा खोला और एक बेसुध पड़े युवक सहदेव लोहार को स्थानीय अस्पताल ले गया. जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया. उन सबके ग्रुप लीडर कैलाश गोराई ने मृतक तथा बाकी पांच बेसुद लोगों को लेकर सीधे सरायकेला सदर अस्पताल ले आकर भर्ती कराया. उन लोगों ने बताया कि उस रुम में भूत का साया था. घटना की रात को टायलेट जाने के क्रम में एक साथी के बेहोश होने पर सभी की तबीयत अचानक खराब हो गयी. अंधविश्वास की इस कहानी पर मृतक के परिजनों को इस बात पर भरोसा नहीं हो रहा है. उन्होंने कंपनी प्रबंधन पर हत्या का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कर दिया है.
इस सनसनीखेज मामला के प्रकाश में आने के बाद झारखंड मानवाधिकार संस्था के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश कुमार किनु ने ग्लेज इंडिया कंपनी के कार्यशैली पर सवाल खड़ा किया है. उनका कहना है कि यह कंपनी जहां भी कार्य करती है वह युवकों को ठगती है तथा प्रताड़ित करती है.
एक साल पहले जमशेदपुर के गोविंदपुर में भी ऐसी ही घटना हुई थी जिसके बाद उनके संगठन द्वारा आवाज उठाने पर कंपनी को सील कर कार्रवाई हुई थी.

