रांची: फर्जी डीड बनाकर दलालों ने 75 वर्षीय वृद्ध भुवनेश्वर की जमीन को गलत तरीके से अपने नाम कर उसका मुआवजा हड़प लिया. काफी प्रयास के बाद भुवनेश्वर को मात्र 15 डिसमिल का मुआवजा 21 लाख रुपये ही मिल पाया है. शेष राशि उन्हें आज तक नहीं मिली. पिछले 11 साल से भुवनेश्वर कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं. वो हर दिन अपने नियत समय से समाहरणालय पहुंच जाते हैं और कार्यालय के सामने घंटों बैठकर वापस लौट जाते हैं.
भुवनेश्वर की एक एकड़ 57 डिसमिल जमीन सरकार ने 2007 में अधिग्रहण की थी. यह मामला (खाता संख्या-13 प्लॉट 168 है) हेथु गांव का है. जबकि, तत्कालीन अपर समाहर्ता शैलेंद्र कुमार लाल ने गलत तरीके से लिया गया मुआवजा वापस करने का आदेश भी दिया था. इतना ही नहीं, पूर्व एडीएम गिरजाशंकर प्रसाद ने भी इस पूरे मामले की जांच की और गलत तरीके से मुआवजा लेने वालों के खिलाफ नोटिस जारी करने की अनुशंसा भी की थी. उसके आलोक में नोटिस भी जारी की गयी पर अब तक कुछ नहीं हुआ.
इन लोगों ने हड़पी है राशि
- राजकुमार श्रीवास्तव- 2.25 लाख रु
- रविंद्र कुमार-15.28 लाख रु
- मुकेश कुमार सिन्हा-14.35 लाख रु
क्या कहते हैं भुवनेश्वर
अब तक मैं अपनी जमीन पर खेती कर रहा हूं. मैं पूरी तरह बर्बाद हो चुका हूं. सालों से कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, कई बार अधिकारियों से मिले लेकिन केवल आश्वासन ही मिलता रहा. मुआवजा मिलना तो दूर की बात है.
ऐसे पकड़ में आया मामला:
भुवनेश्वर ने बताया कि मुआवजा के लिए भू-अर्जन कार्यालय से सभी रैयतों को नोटिस भेजा गया. लेकिन, उन्हेंं नोटिस नहीं मिला. जब उन्होंने भू-अर्जन कार्यालय में नोटिस वाली सूची देखी तो उसमें भुवनेश्वर का नाम नहीं था. कार्यालय में उन्हें बताया गया कि उनकी जमीन के मुआवजे का भुगतान हो चुका है. उन्हें बताया गया कि अब तक एक करोड़ एक लाख का भुगतान किया जा चुका है.
डीसी ने विभाग को पत्र के माध्यम से दी सारी जानकारी:
रांची डीसी राय महिमापत रे ने भू राजस्व विभाग को पत्र लिखकर इस पूरे मामले की जानकारी दे दी है. लिखे पत्र में उन्होंने गलत तरीके से मुआवजा लेने वाले राजकुमार श्रीवास्तव, मुकेश कुमार सिन्हा व रविंद्र कुमार के नाम का भी उल्लेख किया और अब तक क्या कार्रवाई की गयी है उस बारे में भी जानकारी दे दी है.

