रांची: पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोत्तरी के खिलाफ झारखंड प्रदेश कांग्रेस की ओर से 30 जून से 4 जुलाई तक प्रखंड मुख्यालयों में आयोजित धरना प्रदर्शन का कार्यक्रम आज संपन्न हो गया.
प्रदर्शन के अंतिम दिन आज राज्य के शेष बचे हुए प्रखंडों में कांग्रेस कार्यकर्त्ताओं द्वारा धरना दिया गया. लोहरदगा प्रखंड कांग्रेस कमेटी द्वारा भी आज लोहरदगा समाहरणालय के समक्ष एकदिवसीय धरना कार्यक्रम कार्यक्रम का आयोजन किया गया.
इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सह वित्त एवं खाद्य आपूर्ति मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव तथा राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद के अलावा प्रदेश प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे, राजेश गुप्ता, लाल किशोर नाथ शाहदेव और सन्नी टोप्पो भी उपस्थित थे.
धरना प्रदर्शन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रामेश्वर उरांव ने कहा कि दिनों-दिन पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोत्तरी होती जा रही है.
यूपीए शासनकाल में जब दुनिया में कच्चे तेल की कीमत 150 से अधिक थी, उस वक्त भी देश में पेट्रोल की कीमत 63 रुपये और डीजल की कीमत 59 रुपये थी, लेकिन आज जब कोरोना संकट के कारण दुनिया में कच्चे तेल की कीमत 40 रुपये है, तो देश में पेट्रोल की कीमत 80 रुपये जा पहुंची है.
वहीं कांग्रेस पर महंगाई लाने का आरोप लगाने वाले भाजपा शासनकाल में देश में एक नया इतिहास बना, पहली बार डीजल की कीमत पेट्रोल से अधिक हो गयी.
कोल ब्लॉक के निजीकरण के निर्णय पर बोलते हुए रामेश्वर उरांव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आपदा को अवसर बदलने की बात करते है और उनके लिए कोरोना संक्रमण काल अवसर ही लेकर आया है, जिसके माध्यम से वे अपने करीबी मित्र अडाणी-अंबानी जैसे पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाना चाहते है.
उन्होंने बताया कि ब्रिटिश काल से ही रेल सरकार के अधीन थी, लेकिन आज रेलवे का भी निजीकरण किया जा रहा है, जिसके कारण आज अमेरिका और यूरोपीय देशों की जो स्थिति हो गयी है.
आने वाले वैसी स्थिति भारत की भी हो सकती है, क्योंकि अभी देश मजबूत सार्वजनिक उपक्रमों के माध्यम से ही दुनिया भर के प्रभाव से बचा था.
राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू ने कहा कि नरेंद्र मोदी सत्ता में आने के पहले जीएसटी का विरोध करते थे, कहते थे कि वे सत्ता में आयेंगे तो पेट्रोल 35 रुपये प्रति लीटर कर देंगे, लेकिन सत्ता में आने के बाद वे अपने सारे वायदे को भूल गये है.
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने कहा कि मौजूदा समय में देश में लगातार पेट्रोल-डीजल की कीमत में हो रही वृद्धि से महंगाई बढ़ी है, संकट के समय जब लोगों को राहत मुहैय्या कराने की जरूरत थी, तो सरकार गरीबों और निम्नवर्गीय आय अर्जित करने वाले लोगों की जेब से पैसे निकालने में जुटी है.

