रांची:- छोटानागपुर संथाल परगना क्षेत्रीय कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष,एसटी आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष एवं एकीकृत बिहार में योजना मंत्री रहे 90 वर्षीय बाबा बंदी उराव जी का कल रात 11ः00 बजे निधन हो गया. बगीचा टोली इटकी रोड रांची स्थित अपने आवास में बंदी उराव जहाँ रह रहे थे उन्होंने आज अपनी अंतिम सांसे लीं अपने पीछे पुत्र अरुण उराँव,बहू गीताश्री उरांव,नयनतारा उरांव,प्रत्यष उराँव, हर्षवर्धन उराँव,प्रियमवदा उरांव, हर्षा अपूर्वा, पुत्री श्रीमती सरस्वती उराँव, विजय लक्ष्मी उराँव, डॉक्टर प्रकाश उराँव, डॉक्टर विजयवाड़ा सहित भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं, बंदी उरांव के निधन की जानकारी मिलते ही प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उरांव,मंत्री बन्ना गुप्ता, विधायक बंधु तिर्की,राजेश कच्छप,प्रदेश कांग्रेस कमिटी के कार्यकारी अध्यक्ष केशव महतो कमलेश,प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे,लाल किशोर नाथ शाहदेव,डॉ राजेश गुप्ता छोटू,प्रदीप तुल्स्यान,जगदीश साहू, अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष शकील अख्तर आंसारी, लक्ष्मण उराँव सहित तमाम नेता गन आज उनके आवास पहुंचकर पार्थिव शरीर पर पुष्प माला अर्पित की एवं भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित किया.
अपने शोक संदेश में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उरांव ने कहा बंदी उराँव जी के साथ उनके पारिवारिक रिश्ते थे,एक पुलिस अधिकारी के रूप में वह हमारे गुरु थे, उनके लिखे गए फाइलों को पढ़कर मुझे बहुत कुछ सीखने का मौका मिला था. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा बंदी उरांव झारखंड के ऐसे शख्सियत थे जिन्होंने अपनी पूरी जिंदगी अपने विचारों, सिद्धांतों और आदिवासी समुदाय के हितों के लिए लगा दिया, 1980 में गिरिडीह जिले के एसपी के पद पर कार्य करते हुए बंदी उरांव ने नौकरी से त्यागपत्र देकर कार्तिक उरांव के प्रेरणा से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की, ग्राम सभा की अवधारणा का सृजन किया तो वहीं दूसरी तरफ पेशा कानून को लेकर लंबा संघर्ष भी किया, भूरिया कमेटी के सदस्य के रूप में बीडी शर्मा के साथ मिलकर आदिवासी समुदाय के अधिकार और कर्तव्य के लिए उन्हें जागृत किया,झारखण्ड ही नहीं पूरे देश के आदिवासियों में उनकी अलग पहचान थी. डा उराँव ने कहा सरकार की पहली प्राथमिकता पेशा कानून को लागू करने, 2013 में भूमि अधिग्रहण कानून को अक्षरशः लागू करना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए. डॉ बंदी उरांव ने आदिवासी परंपरा और स्वशासन को कलम बंद करने का काम किया और जब पेशा कानून पास हो गया तो इसे लेकर गांव-गांव में पत्थरगढ़ी की ताकि हमारे आने वाली पीढ़ी ग्राम सभा के शक्तियों को आत्मसात करें.
मीडिया के एक प्रश्न के जवाब में डॉ रामेश्वर उरांव ने कहा कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए जीवन और जीविका दोनों को साथ लेकर चलने की आवश्यकता है,सामंजस्य बना कर चलना चाहिए, पिछले वर्ष जिस प्रकार से लॉकडाउन कर पूरे देश को जेल बना गया था वह तरीका सही नहीं था, भीड़ से बचना चाहिए, सामाजिक दूरी बनाते हुए मास्क लगाना चाहिए, झारखंड अन्य राज्यों की तुलना में काफी सुरक्षित है इसके लिए झारखंड की जनता की प्रशंसा करता हूँ.
स्वर्गीय बंदी उराँव की बहु गीताश्री उरांव ने कहा बंदी उरांव की जीवन पर्यंत यह सपना था की पांचवी सूची, पेशा कानून एवं ग्राम सभा की मूल अवधारणा लागू की जाए, अपने जीवन के अंतिम क्षणों में भी उनकी इच्छा पूरी नहीं हो सकी,आदिवासी समुदाय को संविधान के तहत मिले अधिकारों और कर्तव्यों के निर्वहन के उनके अंतिम क्षण में भी बंदी उराँव जी की पीड़ा देखी जा सकती थी. गीताश्री उराँव ने कहा एक अभिभावक के रूप में मैंने अपने पिता को खोया है.
मंत्री बन्ना गुप्ता ने अपने शोक संदेश में कहा कांग्रेस पार्टी ने अपना एक रहनुमा खो दिया है,ईश्वर उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दे.
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि स्वर्गीय बंदी उरांव मूल्यों की राजनीति को हमेशा सर्वोपरि माना व कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष के रूप में संगठन को मजबूत बनाया तो वहीं दूसरी तरफ आदिवासी समाज के एक मजबूत आवाज बनकर उभरे.
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने कहा स्वर्गीय बंदी उरांव की अंत्येष्टि कल गुमला जिला के भरनो प्रखंड में बसाह टोली के दतिया गांव में की जाएगी, कल दिनांक 7 अप्रैल को पूर्वाहन 10ः30 बजे बंदी उराँव का पार्थिव शरीर कांग्रेस भवन लाया जाएगा जहां प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डा रामेश्वर उराँव के नेतृत्व में श्रद्धांजलि दी जाएगी, तत्पश्चात 11ः30 बजे नई विधानसभा परिसर में राजकीय सम्मान के साथ श्रद्धांजलि दी जाएगी एवं सड़क मार्ग द्वारा उनके पैतृक निवास गुमला ले जाया जाएगा एवं अंत्येष्टि की जाएगी.
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि बंदी उराँव छोटानागपुर संथाल परगना क्षेत्रीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के रुप में 21 फरवरी 1997 से 24 नवंबर 1998 तक अपने कार्यकाल में संगठन को मजबूत किया. उनके साथ काम करने का मौका भी मिला था,एक कुशल राजनेता के रूप में उन्होंने अपनी अमिट पहचान बनाई.
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता डॉ राजेश गुप्ता छोटू ने अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बंदी उराँव का निधन राज्य के लिए एक अपूरणीय क्षति है,आदिवासी समुदाय के मसीहा के रूप में जिन्होंने आदिवासियों के लिए बहुत काम किया, आज उनकी कमी महसूस की जा रही है.

