नई दिल्ली : पंजाब के लुधियाना से कांग्रेसी सांसद रवनीत बिट्टू को पार्टी ने अस्थाई तौर पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाया है. बिट्टू पहले से लोकसभा में पार्टी व्हिप का कामकाज देख रहे हैं. ये बदलाव वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी के पश्चिम बंगाल चुनाव में व्यस्त होने के कारण किया गया है. चौधरी पश्चिम बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष भी हैं. पश्चिम बंगाल में 27 मार्च से चुनाव शुरू हो रहे हैं.
3 बार के लोकसभा सांसद रवनीत बिट्टू ही वो नेता हैं जिन्होंने किसान आंदोलन में खालिस्तानियों की एंट्री की बात कई बार कही थी. रवनीत बिट्टू ने आरोप लगाया था कि किसान प्रदर्शन में 2-4 लोग खालिस्तान आंदोलन से जुड़े भी शामिल हैं. रवनीत ने कहा था कि मीडिया कवरेज करने जा रही लड़कियों को गालियां दी जा रही हैं. उन्होंने कहा था कि यह कैसा पंजाब है, पंजाब के लोग ऐसा नहीं कर सकते. पंजाब का किसान ऐसा नहीं कर सकता. ठोक देंगे जैसी भाषा पंजाब की नहीं, ऐसी भाषा बोलने वाले असामाजिक है. उन्होंने कहा था कि क्या कोई किसान बोल सकता है कि प्रधानमंत्री को ठोक देंगे या किसी को ठोक देंगे?
बिट्टू ने कहा था, प्रदर्शन को जल्द रोका जाए नहीं तो दंगे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. CAA प्रदर्शन से जुड़े लोग भी किसान आंदोलन में शामिल हैं. खालिस्तान आंदोलन से जुड़े लोगों के अलावा बाकी असामाजिक तत्वों के शामिल होने की बात भी सामने आ रही है. दूसरे आंदोलन और प्रदर्शन में असफल हुए लोग इसकी आड़ में अपना फायदा उठाना चाहते हैं.

