रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. रामेश्वर उरांव आज राष्ट्र निर्माण की अपनी महान विरासत कांग्रेस की श्रृंखला धरोहर की नौवीं वीडियो को अपने सोशल मीडिया व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम फेसबुक, ट्विटर पर जारी पोस्ट को शेयर करने के उपरांत मीडिया कर्मियों से बातचीत के दौरान अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि कांग्रेस की अगुवाई में देश की आवाज बनने से लेकर कई प्रस्तावों को स्वीकार करवाने, बंगाल विभाजन को रद्द करवाने जैसी बड़ी सफलताओं ने आजादी के आंदोलन को नई दिशा दी.
देश का लगभग हर बड़ा आंदोलनकारी कांग्रेस के मंच से जुड़कर आजादी की आवाज बुलंद कर रहा था. सफलता की उन्हीं मजबूत दिनों के बीच 1912 का बांकीपुर अधिवेशन संपन्न हुआ. इसी अधिवेशन में पहली बार एक डेलीगेट के रूप में पंडित जवाहरलाल नेहरू ने हिस्सा लिया.
1913 का कराची अधिवेशन भारत में एकता और सद्भाव के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण साबित हुआ.बंगाल विभाजन के साजिश के बीच दोनों समुदायों के लोग यह समझ चुके थे कि देश का शत्रु एक ही है और वह ब्रिटिश हुकूमत थी, जिसकी लाठी और गोलियां धर्म देखकर किसी को नहीं छोड़ती हैं.
इसी अधिवेशन में बाकायदा संप्रदायिक सद्भाव और साझी लड़ाई का एक प्रस्ताव पारित किया गया ताकि अंग्रेजों का विभाजनकारी एजेंडा सफल ना हो सके.1914 के मद्रास अधिवेशन में 886 डेलीगेट्स ने हिस्सा लिया.आजादी की लड़ाई के साथ-साथ कांग्रेस का विस्तार व्यापक होता जा रहा था. कांग्रेस और देश आजादी की प्रभावशाली लड़ाई लड़ रहे थे, यह जनता और कांग्रेस की ताकत ही थी कि मद्रास के गवर्नर तक को इस अधिवेशन में हिस्सा लेना पड़ा.
ये भारतीय जन आंदोलन की मजबूती थी. एसबी सिन्हा की अध्यक्षता में 1915 का मुंबई अधिवेशन स्वतंत्रता संग्राम के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ. इस अधिवेशन में कांग्रेस के संविधान में बदलाव किया गया और कांग्रेस की ताकत दुगुनी हो गई, भाग लेने वाले सदस्यों की संख्या बढ़कर 2259 हो गई और इससे देश की आजादी के आंदोलन को गति मिली. प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उरांव ने कहा कि हमारे पूर्वजों द्वारा देश की आजादी में बलिदानों और संघर्षों को व्यर्थ नहीं जाने देंगे और एकजुट होकर अंदर और बाहर देश की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण बनाए रखेंगे.
कांग्रेस विधायक दल नेता आलमगीर आलम ने कांग्रेस की धरोहर नौंवी वीडियो को अपने सोशल मीडिया हैंडल फेसबुक, ट्विटर ,व्हाट्सएप इंस्टाग्राम पर जारी करते हुए कहा कि हम देख सकते हैं कि आजादी के आंदोलन में कांग्रेस की मजबूती देश और जनता की ताकत बन रही थी, अंग्रेज भी जानते थे कि कांग्रेस के मजबूत होने का मतलब है भारत को ताकत मिलना और ब्रिटिश हुकूमत की नींव कमजोर होना और ब्रिटिश हुकूमत की इस नींव को खोखला करने के लिए इसी 1915 साल की कड़कड़ाती ठंड में आजादी का महान नायक भारत की क्षितिज पर आ चुका था और बहुत जल्द देश का भविष्य बदलने वाला था. आलमगीर आलम ने कहा कि बलिदान और संघर्ष के बल पर मिली देश की आजादी को हर कीमत पर बरकरार रखना हमारा कर्त्तव्य है.
कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे, लाल किशोर नाथ शाहदेव एवं डॉ राजेश गुप्ता छोटू ने अपनी सोशल मीडिया हैंडल फेसबुक, ट्विटर व्हाट्सएप, इंसटेग्राम पर जारी करते हुए नौवें वीडियो समर्पित करते हुए कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा धरोहर वीडियो कड़ी में हम देख रहे हैं कि किस तरह से 1912 से 1915 के बीच कांग्रेस के अधिवेशन के माध्यम से जमीन पर उतर कर अंग्रेजों के दांत खट्टे करने का काम किया गया फूट डालो राज करो कि अंग्रेज की नीति को देश की जनता ने एकजुटता के साथ करारा जवाब दिया और आज भी कांग्रेस उसी मार्ग पर देश को आगे लेकर बढ़ने का काम कर रही है.
प्रदेश कांग्रेस कमेटी सोशल मीडिया के कोऑर्डिनेटर गजेंद्र प्रसाद सिंह के नेतृत्व में झारखंड प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, विधायकों, सांसदों, मंत्रियों ने धरोहर वीडियो को अपने सोशल मीडिया के माध्यम से जनता के समक्ष समर्पित किया जो काफी ट्रेंड कर रहा है.

