बिश्वजीत शर्मा,
साहेबगंज: तेली समाज के राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष रिपुसूदन साहु ने बरहेट में आयोजित तेली सम्मेलन को बतौर मुख्यातिथि सम्बोधित करते हुए कहा कि देश में छः हज़ार से अधिक जातियां हैं. राजनीतिक उपेक्षा के कारण देश जातियों में बंटता जा रहा है.
सर्वाधिक आबादी वाला तेली समाज सामाजिक समरसता का ध्वज वाहक बन सकता है. हांलाकि अन्य बहुतायत जातियों के अलावा तेली समाज भी राजनीतिक और प्रशासनिक उपेक्षा का दंश झेल रहा है.
राज्य में भारी आबादी रखनेवाला तेली समाज तख़्ता पलटने की भी ताक़त रखता है. इस समाज की अनदेखी राजनीतिक दलों के लिए भी घाटे का कारण बन सकता है. हमें वोट की शक्ति का अंदाजा है.
हम इस शक्ति का प्रदर्शन करने के लिए तैयार हैं. साहू ने युवाओं से कहा कि बेहतर ज़िन्दगी के लिए बेहतर क़िताबों के साथ-साथ महापुरुषों के प्रेरक प्रसंगों को पढ़ने व साहित्य से जुड़ने का सलाह दिया.
बड़े सपनों के साथ जीवन का लक्ष्य तय करें. समाज में चलती आ रही परम्पराओं को तोड़ना या उसे आगे बढ़ाना युवाओं का दायित्व है.
गलत परम्पराओं को तोड़ते हुए नई परम्परा गढ़ने के लिए चिंतन करें. युवा अपनी शक्ति को समाज व देश हित में लगाएं.

