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कमलेश तिवारी हत्याकांड- दुबई में रची साजिश, सूरत में बनाया गैंग, लखनऊ में हत्या

by bnnbharat.com
October 20, 2019
in समाचार
कमलेश तिवारी हत्याकांड- दुबई में रची साजिश, सूरत में बनाया गैंग, लखनऊ में हत्या
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एक तरफ जहां उत्तरप्रदेश के हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी हत्याकांड ने यूपी की सियासत में हड़कंप मचा दिया था तो वहीं इस हत्या की गुत्थी 24 घंटे में ही शनिवार दोपहर तक सुलझ गई. हमला सूरत के फरीद और अशफाक ने किया था, फिलहाल वो दोनों फरार चल रहे हैं. वहीं जांच में सामने आया है कि घटना की साजिश दुबई में रची गई थी. हत्या को अंजाम देने के लिए सूरत में गैंग बनाया गया. इसके बाद लखनऊ जाकर हत्या की गई. घटनास्थल पर मिले मिठाई के डिब्बे और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर सूरत से साजिश में शामिल मौलाना मोहसिन सलीम शेख, फैजान युनूस भाई जिलानी और रशीद शेख को गिरफ्तार किया. दो हमलावरों ने शुक्रवार को लखनऊ में कमलेश की हत्या कर दी थी.

फैजान युनूस सूरत की दुकान से मिठाई खरीदते वक्त सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया था. उसके बाद मौलाना मोहसिन को पकड़ा गया. जबकि यूपी एटीएस ने कमलेश तिवारी पर डेढ़ करोड़ रुपए का इनाम रखने वाले बिजनौर के दो मौलानाओं मोहम्मद मुफ्ती नईम काजमी और इमाम मौलाना अनवारुल हक को गिरफ्तार कर लिया.

4 साल की साजिश में हत्या के 5 किरदार

रशीद शेख : 23 वर्षीय रशीद कंप्यूटर का भी जानकार है. 10वीं तक पढ़ाई के बाद 2017 से दुबई में रहकर कंप्यूटर हार्डवेयर और उसी दुकान में सेल्स भी करता था. 2015 में पैगंबर साहब पर दिए कमलेश तिवारी के बयान के बाद से उसकी हत्या करना चाहता था। इसके लिए 50 बैठकें हो चुकी थीं.

फैजान : लिंबायत के ग्रीन व्यू फ्लैट में रहता है। वो रशीद के साथ दुबई से ही संपर्क में था. पहले वह खुद ही हत्या करने जाने वाला था, लेकिन बाद में उसने प्लानिंग बदल दी और उसने यहां से हथियार का इंतजाम सहित अन्य मदद जुटाता रहा. आरोपी जूते की कम्पनी में सेल्समैन का काम भी करता था.

फरीद : फरीद अपने लिंबायत स्थित घर में रहता था लेकिन कुछ काम नहीं करता था. उसने रशीद के साथ मिलकर हत्या करने की तैयारी की थी. रशीद के उकसाने पर 16 अक्टूबर को फरीद ने खुद ही हत्या करना ठान लिया था। और अशफाक के साथ लखनऊ जाकर कमलेश की हत्या कर दी.

अशफाक : यह रशीद का पड़ोसी है. 15 अक्टूबर को एक बैठक में रशीद ने कहा था कि यदि आप लोग नहीं जा सकते तो अब मैं खुद जाऊंगा हत्या करने. इसके बाद में फरीद और अशफाक ने कहा कि हम जाएंगे हत्या करने और फरीद के साथ वह लखनऊ गया और वारदात को अंजाम दिया.

मोहसिन शेख : लिंबायत के एक मदरसे में मौलवी मोहसिन दीन पढ़ाने का काम करता है. मौलवी ने रशीद और उसके दोस्तों को कहा था कि इस्लाम में ऐसे लोगों की हत्या करना कोई गुनाह नहीं माना जाता है. उसने इस्लाम का कबूलनामा नाम से एक सर्टिफिकेट भी जारी किया था.

फुटेज में साथ दिखी संदिग्ध महिला भी सूरत की हो सकती है

लखनऊ में सीसीटीवी में दो आरोपियों के साथ एक महिला भी दिख रही है, जो रास्ते में लगातार अशफाक और फरीद से बात कर रही है. पुलिस को अंदेशा है कि यह महिला भी सूरत की हो सकती है. हमलावरों के पकड़े जाने पर ही पुष्टि हो पाएगी.

सूरत ही था साजिश का अड्डा

हमले का पूरा षड्यंत्र रशीद ने ही दो महीने सूरत में रहकर रचा था. भाई सईद की शादी के लिए आए रशीद को मौलाना मोहसिन सलीम शेख ने और भड़का दिया था. जिलानी पार्क में रहने वाले रशीद शेख ने भाई फरीद शेख और उसी बिल्डिंग में रहने वाले दोस्त अशफाक के साथ पड़ोस की ग्रीन व्यू बिल्डिंग में रहने वाले फैजान और एक मौलवी मोहसिन को भी इस साजिश में शरीक कर लिया.


सूरत से घारी मिठाई ली, भगवा कुर्ते भी सिलवाए

आरोपियों को अंदाजा था कि सुरक्षा प्राप्त कमलेश तिवारी के करीब जाना इतना आसान नहीं होगा इसलिए सूरत की प्रसिद्ध घारी मिठाई के डिब्बे और भगवा कुर्ते का इस्तेमाल किया. हमलावर अशफाक और फरीद ने 16 अक्टूबर को सूरत से धरती नमकीन ब्रांड की घारी खरीदी थी. फरीद और अशफाक इसी डिब्बे में हथियार छिपाकर ले गए थे. दोनों आरोपी भगवा कुर्ता पहनकर गए थे ताकि किसी को शक भी न हो.

हत्या करते ही सूरत के साथियों को फोन किया

कमलेश की हत्या के बाद आरोपियों ने सबसे पहले सूरत में रशीद और फैजान को फोन किया और कहा कि काम हो गया है. उसके बाद यहां के आरोपियों ने जश्न की तैयारी शुरू कर दी. बाद में कई बार अशफाक और फरीद को फोन किया लेकिन संपर्क नहीं हुआ. हत्या करने के बाद आरोपियों ने किस किस को फोन किया था, इसकी जांच हो रही है. पुलिस की जांच में पता चला कि आरोपी 16 अक्टूबर को ही उद्योग कर्मी एक्सप्रेस से निकले थे और वहां से लखनऊ गए थे. उन्होंने पहले से ही भगवा कपड़े पहन रखे थे. आरोपी सीधे कमलेश तिवारी के दफ्तर पहुंच गए. वहां उन्होंने उनकी हत्या कर दी.

फरीद और अशफाक 16 अक्टूबर से ही गायब

रशीद के पिता खुर्शीद पठान ने बताया कि उनके बेटे हमेशा अपने काम से काम रखते थे. रशीद दुबई से आया और काम में लगा था. फरीद और अशफाक 16 अक्टूबर से ही गायब हैं. किसी की हत्या करना गलत है.


2 नवंबर को महाराष्ट्र में होनी थी आरोपी सईद की शादी, कार्ड भी छप चुके हैं

पुलिस ने बताया कि सईद की 2 नंबर को महाराष्ट्र में शादी होनी थी. घर में इसकी तैयारियां चल रही थीं. शादी के कार्ड भी छप गए थे. अभी लड़की वालों को इस घटना के बारे में कुछ बताया नहीं है. पुलिस ने बताया कि सूरत के गौरव तिवारी नामक शख्स को हम लाए थे, लेकिन बाद में पूछताछ के बाद जाने दिया. अब भी बड़े पैमाने पर जांच जारी है.

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