राजकुमार झांझरी,
अयोध्या: राममंदिर के निर्माण में वास्तु दोष के चलते लगातार बाधाएं आ रही है. इसे लेकर राजकुमार झांझरी ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के अध्यक्ष श्रीयुत् महंत नृत्यगोपालजी को एक पत्र लिखकर सूचित किया था, कि आप लोगों ने राममंदिर का जो मॉडल बनाया है, उसमें भयंकर वास्तु दोष है और इस मॉडल के अनुसार राम मंदिर का निर्माण करने से न सिर्फ मंदिर के निर्माण में अड़चनें आयेगीं, बल्कि वास्तु दोषयुक्त राम मंदिर का निर्माण देश व हिंदु समाज के हित में नहीं होगा.
उन्होंने इस पत्र की प्रतिलिपि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथजी को भी प्रेषित की थी. राम मंदिर के निर्माण में एक के बाद एक आ रही अड़चनों से यह बात बारंबार प्रमाणित होने के बावजूद ट्रस्ट द्वारा मुद्दे की अनदेखी करना ‘आ बैल मुझे मार वाली कहावत को ही चरितार्थ करता है.
रामजन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने 18 जून गुरुवार को इस बात का ऐलान किया कि आगामी 2 जुलाई को होने वाले भूमि पूजन व मंदिर की नींव की खुदाई का कार्यक्रम भारत-चीन सीमा पर गलवान घाटी में दोनों देशों की सेनाओं के बीच हुई हिंसक झड़पों के बाद उत्पन्न तनाव के कारण टाल दिया गया है.
इससे पूर्व गत 2 अप्रैल को निर्माण कार्य की आधारशिला रखने का कार्यक्रम कोरोना के कारण सरकार द्वारा घोषित लॉकडाउन के चलते स्थगित करना पड़ा था. मंदिर की मूर्तियों को हजारों भक्तों व देश के मुर्धण्य संतों की उपस्थिति के बीच हर्षोल्लास के माहौल के बजाय उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा मुट्ठी भर लोगों की उपस्थिति में पूजन करके अस्थायी लकड़ी के मंदिर में स्थानांतरित करना पड़ा. केंद्र सरकार द्वारा श्री रामजन्मभूमि न्यास के गठन व विश्व हिंदु परिषद् द्वारा बनाये गये राम मंदिर के मॉडल को लेकर भी संतों में विवाद चल रहा है.
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण हेतु जमीन के समतलीकरण के दौरान मिली मूर्तियों व पुरातात्विक अवशेषों को बौद्ध धर्म से संबंधित कहकर यूनेस्को की निगरानी में राम जन्मभूमि परिसर की निष्पक्ष खुदाई की मांग से विवाद चल ही रहा है. हनुमान जयंती पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा जारी किए गए प्रतीक (लोगो) को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया था.
श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट को मामले की गंभीरता को महसूस करते हुए राममंदिर के मॉडल में मौजूद वास्तु संबंधी त्रुटियों को दूर करने का प्रयास करना चाहिए, तभी यथासमय राममंदिर के निर्माण का सपना पूरा हो पायेगा.

