रांची: आर्थिक मामलों के जानकार सूर्यकांत शुक्ला ने कहा कि आरबीआई ने रेपो रेट में आज फिर 0.40प्रतिशत की कटौती की है, जबकि 27मार्च को ही 0.75प्रतिशत की कटौती की थी. इस तरह कुल मिलाकर ब्याजदर में लॉकडाउन की अवधि में 1.15प्रतिशत की कमी आरबीआई द्वारा की जा चुकी है.
सूर्यकांत शुक्ला ने कहा कि रेपो रेट की भारी भरकम कटौती से सेवानिवृत्त कर्मी, सीनियर सिटीजन जो जीवन भर की बचत को बैंकों में जमाकर ब्याज द्वारा अर्जित आय से अपना जीवन निर्वहन करते है, वे लोग मुश्किल में आ गये हैं. छोटी-छोटी बचत कर बैंक में फिक्सड डिपॉजिट कर ब्याज की आय से घर खर्च को पूरा कर पाते हैं, उनके सामने आये इस संकट की कौन सुधि लेगा.
उन्होंने कहा कि कोरोना लॉकडाउन संकट से पस्त देश की अर्थव्यवस्था को निसंदेह उबरने के लिए सस्ती पूंजी चाहिए जो सस्ते ब्याज दर वाले कर्ज से ही मिलेगी, परंतु वृद्ध सेवानिवृत्तों और मध्यमवर्गीय परिवारों के आय में आयी कमी का हल भी आरबीआई को एक विशेष योजना के द्वारा करना चाहिए था.
सूर्यकांत शुक्ला ने कहा कि आरबीआई की स्पेशल योजना जरूरी है, ताकि बचत की आदत को बनाये रखा जा सके और फिक्स्ड डिपॉजिट के ब्याज दर पर जिनका निर्वहन निर्भर करता है, उनके हितों को देखा जा सके. उन्होंने कहा कि सभी तरह के लोन की देय मासिक किस्तों के लिए मोरेटोरियम अवधि को 31 अगस्त तक बढ़ाने की घोषणा भी आरबीआई ने आज की है,जिसका फायदा सभी व्यापारियों, कॉर्पोरेट और आवास एवं कार ़ऋण के लिए कर्ज लेने वालों को मिल सकेगा.

