रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सह राज्य के वित्त तथा खाद्य आपूर्ति मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव ने कहा कि पार्टी प्रभारी आरपीएन सिंह ने कृषि बिल पर सारी स्थिति स्पष्ट कर दी है, इसलिए वे प्रदेश कांग्रेस की ओर से आभार व्यक्त करते है. उन्होंने कहा कि नये काले कानून के तहत कांट्रेक्ट फॉर्मिंग में पूंजीपतियों की ओर से मनमानी की कोशिश की जाएगी, क्योंकि इसमें यह स्पष्ट नहीं है कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य कितना मिलेगा. यह सर्वविदित हैकि खरीदने वाला कम से कम कीमत पर कोई भी वस्तु खरीदना चाहता है, वहीं बेचने वाला अधिक से अधिक कीमत वसूलना चाहता है, लेकिन जब न्यूनतम समर्थन मूल्य ही निर्धारित नहीं है, तो फिर उन्हें कॉरपोरेट घरानों की मनमानी बढ़ेगी.
प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि पूर्व में भी प्रधानमंत्री द्वारा यह कहा गया कि नोटबंदी से विदेशों से कालाधन वापस आएगा, लेकिन कितना कालाधन वापसा आया, यह अब तक नहीं पता चला, वहीं जीएसटी लागू करने के पहले बताया गया कि राज्यों का टैक्स कलेक्शन बढ़ेगा, वहीं नुकसान होने पर प्रत्येक दो महीने में क्षतिपूर्ति का भुगतान होगा, इस वायदे को कम से कम सेपूरा करना चाहिए.
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि नये कृषि बिल से किसानों को नुकसान होना तय है. एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने बताया कि कांग्रेस की ओर से जो कर्जमाफी की घोषणा की गयी थी, वित्तीय वर्ष मार्च के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा, कोरोना संक्रमण व लॉकडाउन के कारण थोड़ी कठिनाई हुई है, लेकिन अब राजस्व संग्रहण भी शुरू हो गया है, सरकार किसानों को धान का क्रय 2500 रुपये प्रति क्विंटल भी उपलब्ध कराएगी.
उन्होंने बताया कि झारखंड का केंद्र के पास 2500 करोड़ जीएसटी का बकाया है, 9000 करोड़ रुपये वाटर टैक्स का बकाया है और 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक जमीन अधिग्रहण का बकाया है, केंद्र सरकार इस बकाया का भुगतान करें.
इस मौके पर कांग्रेस विधायक दल के नेता और राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम ने बताया कि कृषि बिल से पूरे देश की जनता आतंकित है, इससे बेरोजगारी बढ़ने और किसानों के समक्ष गंभीर संकट उत्पन्न होने की आशंका है, पार्टी किसानों के हित में देशव्यापी आंदोलन चलाएगी और इसकी शुरुआत हो गयी है, झारखंड में भी हर जिला, प्रखंड से लेकर पंचायत स्तर तक आंदोलन चलाएगा.
इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री बन्न गुप्ता, प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश ठाकुर , प्रदेश प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे, लाल किशोरनाथ शाहदेव, राजेश गुप्ता छोटू, वरिष्ठ नेता निरंजन पासवान, अमूल्य नीरज खलखो, अजय सिंह और सुखेर भगत समेत कई नेता उपस्थित थे.

