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कोरोना बना काल: जिंदगी पर भारी पड़ी बेरोजगारी और तंगी

by bnnbharat.com
December 3, 2020
in समाचार
राजधानी में अस्सिटेंट इंजीनियर और एक छात्रा ने की आत्महत्या
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  • यह साल हर वर्ग के लिए रहा दर्दभरा
  • बढ़ते तनाव की वजह से लोगों ने दे दी जान
    रांची: वर्ष 2020 का साल हरवर्ग के लिए दर्द भरा रहा. खासकर युवाओं के लिए. झारखंड में हजारों की संख्या़ में युवाओं ने अपनी इह लीला खुद से खत्म कर दी. इस स्थिति की मुख्य वजह कोरोना काल में बढ़ता तनाव रहा. कोरोना काल में झारखंड ही नहीं बल्कि, पूरा विश्व मानसिक स्वास्थ्य की समस्या से जुझता रहा. जो लोगों को आत्महत्या की ओर जाने के लिए प्रेरित किया. कोरोना महामारी की वजह से लोगों का रोजगार भी प्रभावित रहा. जिस कारण आर्थिक तंगी बड़ा फैक्टर बन कर उभरा. सरकारी आंकड़ों पर गौर करें तो झारखंड में अब तक 1200 से अधिक लोगों ने आत्महत्या की है, पिछले साल हर साल आत्महत्या की दर 4.5 रही थी. जो इस वर्ष बढ़कर सात हो गयी है. रांची में अगर देखा जाये तो यहां लगभग 10 प्रतिशत आत्म हत्‍या आर्थि‍क तंगी की वजह से ही हुई है. इतना नहीं कोरोना काल ने आत्महत्या के आंकड़े को और भी डरावना बना दिया है.
  • आत्‍महत्या के और भी कई कारण हैं:
    आर्थिक तंगी ही नहीं बल्कि आत्महत्या करने के और भी कई वजह हैं. लोग जान देने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं.
    फांसी लगाकर, पानी में डूबकर, नींद की दवा खाकर, जहरीला पदार्थ पीकर.
  • 18 से 29 वर्ष वाले युवा ज्यादा कर रहे हैं आत्महत्या :
    आत्महत्या करनेवालों में सबसे ज्यादा 18 से 29 वर्ष के युवा शामिल हैं. इसके बाद 30 से 44 वर्ष के लोग आत्महत्या करते हैं. वहीं, 14 से 17 वर्ष व 45 से 59 वर्ष के लोग यह अंतिम गलती करनेवालों में शामिल हैं. 60 वर्ष या इससे ज्यादा उम्र वाले लोग सबसे कम संख्या में आत्महत्या करते हैं.
  • राज्य में 8.50 लाख लोगों ने बेरोजगारों ने कराया है निबंधन:
    राज्य में बेरोजगारी भी चरम पर है. आत्महत्या करने का यह ही एक वजह है. अभी हाल के दिनों में राज्य में 8,40,225 लोगों ने बेरोजगार होने का रजिस्ट्रेशन सरकारी पोर्टल पर कराया है. चालू वर्ष के कोविड के प्रभाव के समय यानी अप्रैल से अब तक के बीच लगभग 1,02,552 बेरोजगारों ने अपना निबंधन कराया है. निबंधन कराने वालों में पीएचडी, पीजी और तकनीकी डिग्रीधारी अभ्यर्थी भी शामिल हैं.

झारखंड में आत्महत्या के वर्षवार आंकड़े

जिला      2018 में आत्महत्या      2019 में आत्महत्या     2020 में अब तक
धनबाद457444219
जमशेदपुर15415993
रांची80178115
हजारीबाग845347
गुमला857146
सरायकेला666537
चाईबासा527439
देवघर493929
दुमका516036
जामताड़ा322117
चतरा233330
साहिबगंज190005
बोकारो1911952
कोडरमा062814
रामगढ़313721
लोहरदगा161108
खूंटी192615
पलामू360054
लातेहार151135
गोड्डा041308
पाकुड़160507
गिरिडीह003816
सिमडेगा002319
गढ़वा008347
रेल धनबाद030201
रेल जमशेदपुर000100
कुल131716461010

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