दिल्ली: कोरोना वायरस की वजह से पैदा हुए संकट का असर अब इस दिग्गज IT कंपनी की रेवेन्यू मार्जिन पर भी दिखने लगा है. इन्फोसिस के CFO निलंजन रॉय ने कहा कि कंपनी ने कॉस्ट मैनेजमेंट को ध्यान में रखते हुए नई हायरिंग, प्रोमोशन और सैलरी हाइक को रोक दिया है.
क्लाउड सर्विस की मांग बढ़ी
हालांकि, इन्फोसिस के CEO सलिल पारेख का कहना है कि क्लाउड सर्विस के क्षेत्र में ज्यादा क्लाइंट्स रुचि दिखा रहे हैं. कोरोना वायरस की वजह से कंपनी के रेवेन्यू पर निगेटिव असर देखने को मिला है. रॉय ने कहा कि अभी तक कंपनी ने जो भी हायरिंग को लेकर फैसले लिए हैं, उस पर प्रतिबद्ध रहेगी.
इन्फोसिस का मुनाफा चौथी तिमाही में घटा
बता दें कि आज चौथी तिमाही के नतीजे भी जारी किए हैं. 31 मार्च को खत्म हुई चौथी तिमाही में इन्फोसिस की रुपये में होने वाली आय पिछली तिमाही के 23,092 करोड़ रुपये से बढ़कर 23,267 करोड़ रुपये रही है. वहीं इसी अवधि में कंपनी की डॉलर आय पिछली तिमाही के 32.43 करोड़ डॉलर से घटकर 31.97 करोड़ डॉलर रही है. तीसरी तिमाही में कंपनी का मुनाफा पिछली तिमाही के 4,457 करोड़ रुपये से घटकर 4,321 करोड़ रुपये रहा है. चौथी तिमाही में कंपनी को 165 करोड़ डॉलर की बड़ी डील्स मिली हैं.
2021 में कंपनी 35,000 नई नौकरियां देगी
इन्फोसिस के COO प्रवीन राव ने कहा कि कोविड-19 की वजह से कंपनी कोई छंटनी नहीं करेगी. खासकर, इस स्टेज पर कंपनी ने ऐसा कोई फैसला नहीं लिया है. उन्होंने कहा कि कर्मचारी चरणबद्ध तरीके से काम पर लौटेंगे. पहले चरण में कुल 2,40,000 कर्मचारियों में केवल 5 फीसदी कर्मचारी ही काम पर लौटेंगे. उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2021 में कंपनी 35,000 नई नौकरियां देगी.

