सुरुर रज़ा,
रांची: कोरोना वायरस और लॉकडाउन की मियाद में देश में बहुत पर्व आये, परंतु उनकी रौनक फीका रही. आने वाले दिनों में रक्षा बंधन है. देश में इस त्यौहार की अलग विशेषता है. अभी के हालात में देश के कई राज्यों में लॉकडाउन फिर से लागू कर दिया गया है, क्योंकि देश में बहुत तेजी से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ रही है.
भाई बहन के प्यार का त्यौहार रक्षाबंधन इस वर्ष 3 अगस्त को है. इस त्यौहार पर भी कोरोना वायरस का साया मंडरा रहा है. यह कहना गलत नहीं होगा कि राखी का कारोबार भी इस साल वायरस के संक्रमण की वजह से काफी प्रभावित हो रहा है. हालात को देखते हुए बहनें भाइयों को ऑनलाइन राखियां बांध रही हैं.
क्या कहती है बहनें-
संजू कुमारी पिछले 7 साल से बेंगलुरु में है. फिर भी हर रक्षाबंधन पर घर जाती थी. अपने भाइयों से मिलकर राखी बांधती और उनसे आशीर्वाद भी लेती थी. मगर उसको अफसोस है कि इस साल वह अपने भाइयों को अपने हाथों में राखी नहीं बांधी पाएंगी, क्योंकि इस वैश्विक महामारी के वजह से रांची नहीं आ पाएंगी. संजू ने ऑनलाइन अपने भाइयों को राखी भिजवा दी है.

अंशु शर्मा ने कहा कि इस बार ऑनलाइन के माध्यम से अपने भाई को राखी भेज दी है. उम्मीद है कि वह राखी उन्हें सही समय पर मिल जाएगी. भाई को अपने हाथों से राखी नहीं बांधने का गम तो जरूर रहेगा.

स्वाति कुमारी का यह कहना है कि इस साल वह अपने भाइयों को राखी नहीं बांध पाएगी, क्योंकि उनके भाई रांची से बाहर रहते हैं. इसका उन्हें बहुत मलाल रहेगा. इस महामारी की वजह से उनके भाई का रांची आना मुश्किल है, परंतु उनकी बहन का आशीर्वाद हमेशा उनके साथ रहेगा.

ममता मेहता को इस दिन का इंतजार हर साल रहता है. उन्होंने कहा कि यह त्यौहार उनके लिए बहुत खास है पर इस साल इस महामारी की वजह से इस साल कोई उत्साह नहीं रही. उन्होंने अपने भाइयों को कुरियर द्वारा राखी भेजा है. अपने भाइयों को बहुत ही मिस कर रही.

तानिया कुमारी ने कहा कि हर साल हमारे भाई इस त्यौहार में हमारे साथ होते थे. इस साल वह मेरे साथ नहीं है. इसका उन्हें अफसोस है. तान्या ने अपने भाइयों के लिए राखी कुरियर से भेज दिया है. उन्हें उम्मीद है कि उनकी राखी सही समय पर उनके भाइयों को मिल जायेगी. पिछली साल को याद कर वह भावुक हो गई.


