रांची: JEE और NEET परीक्षा को लेकर देशभर से विरोध की आवाज उठ रही हैं. कोरोना को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग लगातार इन परीक्षाओं को टालने की मांग कर रहे हैं. नेता से लेकर बॉलीवुड अभिनेता भी इन परीक्षाओं को अभी टालने के समर्थन में बयान दे चुके हैं.
सीएम हेमंत सोरेन समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी परीक्षा नहीं लेने की मांग की है. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने देश के शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल को एक पत्र भेजा है. पत्र में उन्होंने कोविड-19 के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए परीक्षा स्थगित करने की मांग की है.
पत्र में कहा है कि इन परीक्षाओं को करवाने के लिए काफी संख्या में पब्लिक ट्रांसपोर्ट, होटल, लॉज आदि की जरूरत होगी. राज्य ने कोरोना से लड़ने की अपनी योजना के तहत अभी तक पब्लिक ट्रांसपोर्ट के परिचालन की मंजूरी नहीं दी है. ऐसे में परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा. इन बातों को बताते हुए उन्होंने जनता के हित को ध्यान में रखते हुए अभी इन परीक्षाओं को टालने की मांग की है.
केंद्रीय शिक्षा मंत्री परीक्षा कराने के पक्ष में
केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ने कहा है कि उन्हें NTA महानिदेशक ने बताया है कि अब तक JEE के लिए देश के 8.58 लाख में से 7.5 लाख छात्रों ने एडमिट कार्ड डाउनलोड कर लिया है. नीट की परीक्षा के लिए भी 10 लाख विद्यार्थियों ने एडमिट कार्ड डाउनलोड कर लिया है. उन्होंने कहा है कि इससे पता चलता है कि स्टूडेंट इन परीक्षाओं को अभी करवाने के समर्थन में है. दिल्ली के उपमुख्यमंत्री ने इस मामले में कहा है कि छात्र एडमिट कार्ड मजबूरी में डाउनलोड कर रहे हैं. लेकिन अगर उनसे पूछा जाए तो वह इन परीक्षाओं के समर्थन में नहीं है.
क्या है झारखंड की स्थिति:
झारखंड की बात की जाए तो यहां JEE-MAIN की परीक्षा के लिए कुल पांच सेंटर बनाए गए हैं, जहां दूसरे जिलें से भी कई छात्र परीक्षा के लिए आएंगे. ऐसे में कोरोना को देखते हुए हालात और बिगड़ सकते हैं. राजधानी रांची के सेंटर पर आने के लिए ही कई छात्रों को 30 से लेकर 200 किलोमीटर की यात्रा तय करनी पड़ेगी. इस को लेकर अभिभावक काफी परेशान है. राजधानी के ज्यादातर स्टूडेंट्स ने भी परीक्षा का विरोध किया है. उनका कहना है कि अभी जिस तेजी से यह बीमारी फैल रही है, उसको देखते हुए फिलहाल वे परीक्षा देने से डर रहे हैं कि कहीं वह भी कोरोना से संक्रमित ना हो जाए.
क्या कहते हैं छात्र
रोहित कुमार
मैं नीट और मेन दोनों का एग्ज़ाम दे रहा हूं. अभी परीक्षा को स्थगित करना ही सही होगा. अगर परीक्षा होगी भी तो रिजल्ट आने के बाद, अभी छात्र एक राज्य से दूसरे राज्य जाकर कॉलेजों मे एडमिशन कैसे लेंगे?

रोहन कुमार
मुझे लगता है कि अभी परीक्षा नहीं होनी चाहिए. इतनी बड़ी संख्या में लोग एक जगह एकत्रित होंगे, जिससे आसानी से कोरोना फैल सकता है. ऊपर से अभी बस भी नहीं चल रहे हैं तो दूर के छात्रों को आने में परेशानी हो सकती है.

राजेश कुमार
मैंने परीक्षा के लिए पूरी तैयारी कर ली है. अगर एग्ज़ाम नहीं हो पाया तो पूरा एक साल बर्बाद हो जाएगा. अभी यह कितने वक़्त तक चलेगा इसकी कोई गारंटी भी नहीं है. एग्ज़ाम्स हो ही जाने चाहिए.


