खंडवा: मध्य प्रदेश के खंडवा में एक न्यायिक अधिकारी के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद उनके संपर्क में आए 86 अधिकारियों- कर्मचारियों को होम क्वारंटाइन किया गया है. जिसके चलते न्यायालय में 9 जून यानी आज से आगामी आदेश तक किसी भी मामले में सुनवाई नहीं होगी.
पेंडिंग मामलों की सुनवाई बुरहानपुर में की जाएगी. कोरोना संकट के चलते न्यायालय में सुनवाई बंद करने का अपने आप में यह राज्य में पहला मामला है.
आपको बता दें कि खंडवा में न्यायिक अधिकारी और उनकी पत्नी के कोरोना संक्रमित होने के बाद एक न्यायालय के एक अधिकारी में भी कोरोना की पुष्टि हुई है.
इसके बाद एहतियात के तौर पर 86 न्यायिक अधिकारियों- कर्मचारियों ने खुद को 14 दिन के लिए होम क्वारंटाइन कर लिया है, जिनमें 15 जज भी शामिल है.
बताया जा रहा है कि न्यायिक अधिकारी पांच जून को कोरोना संक्रमित पाए गए थे, जिसके बाद 7 जून को उनकी पत्नी की रिपोर्ट भी पॉजिटिव पाई गईं.
इस दौरान स्वास्थ्य विभाग ने उनके संपर्क में आने वाले सभी कर्मचारियों और अधिकारियों के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं. वहीं, जिला न्यायालय के जिन कर्मचारियों को क्वारंटाइन नहीं किया गया है. वे लोग ऑनलाइन आवेदनों को अदालत तक पहुंचाएंगे. बुरहानपुर के जिला सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र एस पाटीदार को खंडवा जिले का प्रभारी न्यायाधीश पदस्थ किया है.

